नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के निजी क्षेत्र के परिचालन के लिए भारत लगातार सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है और बैंक को उम्मीद है कि वह इस वर्ष देश के विकास लक्ष्यों के अनुरूप परियोजनाओं के लिए लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष वित्तपोषण उपलब्ध कराएगा।
एडीबी के उपाध्यक्ष (बाजार समाधान) भार्गव दासगुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “पिछले वर्ष हमने अपनी पूंजी से सरकारी क्षेत्र के लिए चार अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक और निजी क्षेत्र के लिए एक अरब डॉलर से अधिक का वित्तपोषण किया था।”
उन्होंने कहा, “इसके अलावा हमने अन्य स्रोतों से भी उनके लिए लगभग इतनी ही राशि जुटाई। इस प्रकार 2025 में एडीबी के माध्यम से निजी क्षेत्र तक कुल दो अरब अमेरिकी डॉलर का प्रवाह हुआ।”
इस वर्ष की योजना के बारे में पूछे जाने पर दासगुप्ता ने कहा, “निजी क्षेत्र के मामले में हम इसी गति को बनाए रखेंगे।”
निजी क्षेत्र के वित्तपोषण के प्रमुख क्षेत्रों पर उन्होंने कहा कि नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, ई-वाहन और हरित आंकड़ा केंद्र (ग्रीन डेटा सेंटर) ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें एडीबी आगे भी निवेश जारी रखेगा।
उन्होंने बताया कि शहरी अवसंरचना विकास, टिकाऊ कृषि और वित्तीय समावेशन भी एडीबी के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं।
भाषा यासिर अजय
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