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गहलोत ने सीमावर्ती जिलों में धार्मिक स्थलों के खिलाफ कार्रवाई को अनुचित बताया

जयपुर, 20 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में केंद्र सरकार के इशारे पर केवल तनाव पैदा करने व ध्रुवीकरण करने के लिए मस्जिदों, मदरसों पर चुन-चुनकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इस कथित कार्रवाई को अनुचित बताया है।

गहलोत ने एक बयान में कहा कि राजस्थान के साथ लगी पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा के जिलों में आजादी के बाद से ही माहौल हमेशा सौहार्दपूर्ण रहा है। देशभर में चाहे कैसा भी सांप्रदायिक माहौल रहा हो पर संभवतः यहां कभी आपसी तनाव भी पैदा नहीं हुआ।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यहां हिन्दू और मुस्लिम धर्मस्थल एक ही श्रेणी में हैं और दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक स्थलों का पूरा सम्मान करते हैं, चाहे 1965 हो या 1971 का युद्ध हो, यहां के सभी धर्मों के लोगों ने पाकिस्तान को धूल चटाने में सेना और सरकार का पूरा सहयोग दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘‘ऐसी जगह पर केंद्र सरकार के इशारे पर केवल तनाव पैदा करने व ध्रुवीकरण करने के लिए मस्जिदों, मदरसों पर चुन-चुनकर कार्रवाई करना उचित नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि इनमें से कई धार्मिक स्थल आजादी से भी पहले के बने हुए हैं। स्थानीय हिन्दू समुदाय भी इस कार्रवाई के खिलाफ है और कई जगहों पर इस कार्रवाई का विरोध भी किया है।

गहलोत ने कहा, ‘‘एक धर्म को लक्षित कर की जा रही ऐसी कार्रवाई निंदनीय है। केंद्र व राज्य सरकार को अनावश्यक तौर पर विवाद नहीं पैदा करना चाहिए।’’

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास विशेष सर्वे शुरू किया गया है जिसका मकसद बिना इजाजत किए गए निर्माणों की पहचान और संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में बनी इमारतों के लिए वित्तपोषण की जांच करना है।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी निर्माण शामिल हैं।

भाषा पृथ्वी शफीक

शफीक