(तस्वीरों के साथ)
रायरंगपुर (ओडिशा), 20 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि भारत ने हमेशा दुनिया में शांति का संदेश फैलाया है क्योंकि मुद्दों को आपसी बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है, युद्ध से नहीं।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आज जब दुनिया युद्ध से पैदा हुई अशांति और अस्थिरता से जूझ रही है, तो भारत ने हमेशा सुलह और शांति की वकालत की है... मुद्दों को आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता है, न कि युद्ध से।’’
उन्होंने यह बात ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही, जहां वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य की भाजपा सरकार के दो साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में शामिल हुईं।
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से मोदी ने देशहित में कई कदम उठाए हैं। इस महीने, उन्होंने निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक लगातार पदासीन रहने का रिकॉर्ड बनाया।
सभी नागरिकों की ओर से प्रधानमंत्री को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए उन्होंने कामना की कि वह अपनी दूरदर्शी सोच से देश के लोगों का भला करते रहें और 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प को पूरा करने में देश का नेतृत्व करें।
उन्होंने देश और देशवासियों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी के समर्पण की तारीफ करते हुए कहा कि उनके ‘प्रभावशाली नेतृत्व’ के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के प्रबंधन कौशल को देखा। उस दौरान, भारत ने न केवल अपने लोगों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया, बल्कि कई विदेशी देशों को भी टीका उपलब्ध कराया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे देशों की मदद के लिए भारत हमेशा सबसे पहले आगे आया है।
मयूरभंज की धरती पर प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद मोदी का रायरंगपुर दौरा ओडिशा के प्रति उनके विशेष स्नेह और सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस दौरे से रायरंगपुर के लोगों, खासकर आदिवासी भाई-बहनों में अपार खुशी है।
कई परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं केवल विकास की प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक न्याय, समान अवसर और सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी (प्रधानमंत्री के) प्रतिबद्धता का सबूत हैं।
उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है जब उसका फायदा हर गांव, हर परिवार और हर नागरिक तक पहुंचे।
मुर्मू ने कहा, ‘‘आदिवासी इलाकों, दूर-दराज के क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों में मानव विकास संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार लाना हमारी प्राथमिकता है। हमने इस दिशा में काफी प्रगति की है।’’
उन्होंने भरोसा जताया कि जिन परियोजनाओं का आज उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, उनसे इस क्षेत्र और ओडिशा राज्य में विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा।
उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासी समुदायों की भाषाओं, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए कई योजनाएं लागू कर रही हैं।
मुर्मू ने आदिवासी समुदायों के मान-सम्मान और गरिमा को बनाए रखने की पहल करने के लिए केंद्र सरकार की तारीफ की।
उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को कार्यकाल के दो साल पूरे करने पर बधाई दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दो सालों में ओडिशा ने औद्योगिक क्षेत्र में काफी गति हासिल की है और राज्य में बंदरगाहों का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग से राज्य रेल, सड़क और जलमार्गों के विकास के लिए कई कदम उठा रहा है।
मुर्मू ने इस बात पर खुशी जताई कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से ओडिशा के आदिवासी समुदाय के कल्याण और उत्थान का एक नया दौर शुरू हुआ है।
भाषा संतोष माधव
माधव