नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सर्गेई शोइगु और ‘ब्रिक्स’ देशों के अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी सोमवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय बैठक के लिए नयी दिल्ली में एकत्र होंगे। वे अहम भू-राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की इस बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे।
चीन पहले ही घोषणा कर चुका है कि वांग इस चर्चा में शामिल होंगे। चीन के विदेश मंत्री के डोभाल के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी उम्मीद है।
खबर है कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप-सचिव नेजामीपुर भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं। यह बैठक सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए आधार तैयार करेगी।
भारत इस प्रभावशाली समूह के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
‘ब्रिक्स’ के मूल सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किये जाने से यह और बड़ा हो गया। वर्ष 2025 में इसमें इंडोनेशिया भी शामिल हो गया।
ब्रिक्स एक प्रभावशाली समूह के तौर पर उभरा है जो दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है। ब्रिक्स दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से और वैश्विक कारोबार के लगभग 26 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘बैठक के दौरान ब्रिक्स के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार/प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ‘दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।’’
मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के तेजी से बदलते स्वरूप और उभरते सुरक्षा खतरों में नयी तकनीक की भूमिका पर चर्चा करेंगे।
उम्मीद है कि ब्रिक्स के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात और रूस-यूक्रेन संघर्ष भी शामिल है।
भारत की ओर से आतंकवाद, खासकर पाकिस्तान में मौजूद आतंकी समूहों द्वारा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाकर की जाने वाली सीमा-पार आतंकी गतिविधियों पर चिंता जताए जाने का अनुमान है।
अधिकारियों के अनुसार बातचीत में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव का मुद्दा भी उठ सकता है।
भाषा संतोष अविनाश
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