Breaking News

भारत में महंगी हुई कैन वाली 'डाइट कोक', 10 फीसदी से अधिक बढ़े दाम     |   ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, नहीं तो जारी रहेगा आंदोलन’, अभिजीत दिपके ने कहा     |   दिल्ली: सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मीटिंग जारी     |   जेपी नड्डा संग बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचा सीजेपी प्रतिनिधिमंडल     |   धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर हंगामे के बीच लोकसभा सोमवार तक स्थगित     |  

कमर की चोट के साथ विश्व चैम्पियनशिप खेलना सही फैसला नहीं था : नीरज चोपड़ा

दोहा, 18 जून (भाषा) भारत के भालाफेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग के जरिये सत्र की शुरूआत से पहले स्वीकार किया कि पिछले साल कमर की चोट के साथ विश्व चैम्पियनशिप में उतरने का फैसला सही नहीं था ।

तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन और पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता चोपड़ा सितंबर 2025 में तोक्यो विश्व चैम्पियनशिप में 84 . 03 मीटर के थ्रो के साथ निराशाजनक आठवें स्थान पर रहे । चैम्पियनशिप के बाद उन्होंने बताया कि उनकी कमर के निचले हिस्से में चोट है । उन्हें इससे उबरने में समय लगा और इसी वजह से सत्र की शुरूआत में देरी हुई ।

उन्होंने शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग से पहले कहा ,‘‘तोक्यो विश्व चैम्पियनशिप से पहले मुझे चोट लगी थी । हमने काफी मेहनत की और मैने तोक्यो में भी खेला लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह सही फैसला था क्योंकि मुझे पता था कि कुछ दिक्कत है । लेकिन वह 2025 की आखिरी प्रतियोगिता था तो मैने खेलने का फैसला किया ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ एक खिलाड़ी के जीवन में अगर कोई एक चोट है और हम बचाने की कोशिश करते हैं तो दूसरी चोट महसूस होने लगती है । मेरे टखने में , फिर कंधे में दिक्कत थी । मैंने अपनी टीम और फिजियो के साथ मिलकर हर चोट पर काम किया ।’’

चोपड़ा ने कहा ,‘‘ अब मैं फिट महसूस कर रहा हूं । देखते हैं कि कल कैसा रहता है ।’’

दोहा में ही उन्होंने विश्व रिकॉर्डधारी जान जेलेज्नी के कोच रहते 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था । उन्होंने हालांकि कहा कि 16 मई 2025 को फेंका गया वह थ्रो तकनीकी तौर पर उनका सर्वश्रेष्ठ नहीं था ।

उन्होंने कहा ,‘‘ तकनीकी तौर पर वह थ्रो इतना अच्छा नहीं था । मैं दो तीन मीटर और दूर फेंक सकता था । विश्व चैम्पियनशिप या ओलंपिक में क्वालीफिकेशन दौर के थ्रो अच्छे रहते हैं लेकिन फाइनल में ज्यादा आक्रामक होने के चक्कर में तकनीक भूल जाता हूं ।’’

इस साल जनवरी में जेलेज्नी से अलग हुए चोपड़ा ने कहा कि वह अब अपने हिसाब से खेलना चाहते थे ।

उन्होंने कहा ,‘‘ जेलेज्नी महान खिलाड़ी और अच्छे कोच भी हैं । हमने कई चीजों पर काम किया और मैने उनके कोच रहते 90 मीटर का थ्रो फेंका । तोक्यो विश्व चैम्पियनशिप के बाद लगा कि मुझे अपने हिसाब से एक भारतीय कोच के साथ काम करना चाहिये ।’’

भाषा मोना नमिता

नमिता