Breaking News

भारत में महंगी हुई कैन वाली 'डाइट कोक', 10 फीसदी से अधिक बढ़े दाम     |   ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, नहीं तो जारी रहेगा आंदोलन’, अभिजीत दिपके ने कहा     |   दिल्ली: सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मीटिंग जारी     |   जेपी नड्डा संग बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचा सीजेपी प्रतिनिधिमंडल     |   धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर हंगामे के बीच लोकसभा सोमवार तक स्थगित     |  

पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ विकास के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत: गोवा के राज्यपाल

पणजी, 18 जून (भाषा) गोवा के राज्यपाल पी. अशोक गजपति राजू ने बृहस्पतिवार को कहा कि आजादी की लड़ाई को प्रेरित करने वाले देशभक्ति, जिम्मेदारी और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को राज्य का मार्गदर्शन करते रहने चाहिए, क्योंकि राज्य पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ विकास और प्रौद्योगिकीय प्रगति जैसी मौजूदा चुनौतियों का सामना कर रहा है।

यहां आजाद मैदान में गोवा क्रांति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, राज्यपाल ने कहा कि 18 जून राज्य के इतिहास में एक अहम मोड़ है, जब लोग भयमुक्त हुए और पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन के खिलाफ आवाज उठाई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक, कई स्वतंत्रता सेनानी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

गोवा क्रांति दिवस 18 जून को मनाया जाता है। यह दिन 1946 में मडगांव में हुई एक जनसभा की याद में मनाया जाता है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानी राम मनोहर लोहिया ने आजादी का आह्वान किया था।

राज्यपाल ने कहा, ‘‘1946 में इसी दिन गोवा के लोगों ने भयमुक्त होकर औपनिवेशिक शासन के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस समय शुरू हुए आंदोलन की वजह से ही 19 दिसंबर 1961 को गोवा आजाद हुआ और उसे भारत संघ में उसका वाजिब स्थान मिला।’’

आजादी की लड़ाई लड़ने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि उनके बलिदान, साहस और दृढ़ संकल्प ने ही औपनिवेशिक शासन से मुक्ति को मुमकिन बनाया।

राज्यपाल ने कहा, ‘‘आजादी की लड़ाई से मिली सीख आज भी प्रासंगिक है। हर पीढ़ी की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। जिस तरह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हिम्मत और दृढ़ इरादे के साथ अपने समय की चुनौतियों का सामना किया, उसी तरह हमें भी समझदारी, ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने दौर की चुनौतियों का सामना करना चाहिए।’’

युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बारे में जानने की अपील करते हुए, उन्होंने नागरिकों से लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताने का आह्वान किया।

भाषा सुभाष रंजन

रंजन