Breaking News

‘छात्रों पर पैलेट गन से हमला क्यों, उनको मारना-पीटना बंद हो’, बोले राहुल गांधी     |   दिल्ली: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल छात्रों से मिले राहुल गांधी     |   ‘प्रदर्शनकारी छात्रों पर लगाए केसों को हटाने पर विचार करेगी सरकार’, CJP का बयान     |   ‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समझौता नहीं’, सरकार संग मीटिंग के बाद CJP ने कहा     |   दिल्ली: जंतर-मंतर के आसपास कई स्थानों पर फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे लगाए गए     |  

तमिलनाडु: राज्यपाल के अभिभाषण में टीवीके सरकार ने द्रविड़ सिद्धांतों पर कायम रहने के संकेत दिए

चेन्नई, 18 जून (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में बृहस्पतिवार को राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर के अभिभाषण में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार की नीतियों का उल्लेख किया गया जिनमें 69 प्रतिशत आरक्षण की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता, दो-भाषा नीति का पालन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का विरोध शामिल है।

इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्रविड़ सिद्धांतों पर कायम रहेगी।

राज्यपाल आर्लेकर ने अपने अभिभाषण में कहा कि सी. एन. अन्नादुरै के समय से तमिलनाडु में दो-भाषा नीति का पालन किया जा रहा है और जनता द्वारा स्वीकार किए जाने के कारण सरकार आगे भी इस नीति को जारी रखेगी।

द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता अन्नादुरै द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के संस्थापक थे और 1967 से लेकर 1969 तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 1967 में कांग्रेस को सत्ता से हटाया था।

राज्यपाल ने कहा, 'यह सरकार केंद्र सरकार से आग्रह करेगी कि मद्रास उच्च न्यायालय और उसकी मदुरै पीठ में तमिल को वाद-प्रतिवाद की भाषा के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए तथा चेन्नई में उच्चतम न्यायालय की एक पीठ स्थापित की जाए।'

उन्होंने कहा कि सरकार की मूल नीति यह है कि वास्तविक सामाजिक न्याय तभी संभव है जब हर समुदाय को उसका उचित प्रतिनिधित्व मिले।

उन्होंने कहा, “इस नीति और वादे को पूरा करने के लिए हम केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे कि वह जनगणना के साथ जाति आधारित गणना भी जल्द पूरी करे।

केंद्र सरकार द्वारा जाति गणना पूरी किए जाने के बाद तमिलनाडु सरकार सामाजिक न्याय सर्वेक्षण कराएगी।”

उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 का मजबूती से विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि नीट, एनईपी को 'थोपने' और तीन-भाषा सूत्र जैसे मुद्दे इसलिए खड़े हुए हैं क्योंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में शामिल है।

उन्होंने कहा, 'इसलिए यह सरकार शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची से हटाकर राज्य सूची में शामिल कराने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करेगी।'

भाषा जोहेब नरेश

नरेश