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लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारियां शुरू, पांच जुलाई को श्रद्धालुओं का पहला जत्था धारचूला पहुंचेगा

पिथौरागढ़, 18 जून (भाषा) अगले महीने शुरू होने वाली कैलाश-मानसरोवर यात्रा के सुगम संचालन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर जाने वाला श्रद्धालुओं का पहला जत्था पांच जुलाई को धारचूला आधार शिविर पहुंचेगा।

यात्रा की नोडल एजेंसी कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के अधिकारियों ने बताया कि पहला जत्था नयी दिल्ली से चलकर चार जुलाई की रात को उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर पहुंचेगा, जहां से वह अगली सुबह पिथौरागढ़ जिले में स्थित धारचूला के लिए रवाना होगा।

धारचूला आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह ने बताया, “श्रद्धालुओं का पहला जत्था 10 जुलाई को तिब्बत में प्रवेश करेगा और यात्रा समाप्त करने के बाद 18 जुलाई को लिपुलेख दर्रे पर लौट आएगा।”

कैलाश-मानसरोवर यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में पिथौरागढ़ में बैठक करने के बाद जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि उन्होंने सभी संबंधित विभागों को यात्रा कार्यक्रम के अनुसार उचित तैयारियां जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

भटगांई ने कहा, “मुख्य चिकित्सा अधिकारी को श्रद्धालुओं के लिए बेस अस्पताल स्तरीय अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधाएं तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं, सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) से गुंजी शिविर तक जाने वाली सड़क पर पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील इलाकों का उचित रखरखाव करने का अनुरोध किया गया है।”

जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं को ठहरने, भोजन, पीने के पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएंगी।

भटगांई ने बताया कि इस साल लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर करीब 500 श्रद्धालु जाएंगे। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों के 10 जत्थे यात्रा पर जाएंगे और हर जत्थे में 50 श्रद्धालु होंगे।

भटगांई ने बताया कि भारतीय भूभाग के अंदर तीर्थयात्रा के आखिरी छोर लिपुलेख दर्रे तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने और वापस लाने के लिए केएमवीएन ने 12 वाहनों की व्यवस्था की है।

भाषा

सं दीप्ति पारुल

पारुल