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उच्चतम न्यायालय एसआईसीसीएल मामले में सेबी की याचिका पर सुनवाई को तैयार

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को बाजार नियामक सेबी की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई जिसमें सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईसीसीएल) के चार प्रबंधकों एवं कंपनी सचिव को राहत देने वाले प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण (सैट) के आदेश के एक हिस्से को चुनौती दी गई है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी मोहन की पीठ ने मामले को इसी मुद्दे से संबंधित लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ते हुए जुलाई में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

सैट ने नौ मार्च के अपने आदेश में एसआईसीसीएल के खिलाफ सेबी की कार्रवाई को बरकरार रखते हुए कंपनी और उसके निदेशकों की अपील खारिज कर दी थी। यह मामला 1998 से 2008 के बीच जारी 'वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर' (ओएफसीडी) से जुड़ा है।

न्यायाधिकरण ने कहा था कि ओएफसीडी का निर्गम सार्वजनिक निर्गम की श्रेणी में आता है और इस तरह यह भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियामकीय अधिकार क्षेत्र में आता है।

एसआईसीसीएल ने इस अवधि में इन डिबेंचर के जरिये लगभग 1.98 करोड़ निवेशकों से करीब 14,106 करोड़ रुपये जुटाए थे।

सैट ने यह भी कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में निवेशकों से इतनी बड़ी राशि जुटाना निजी नियोजन नहीं माना जा सकता, जैसा कि कंपनी ने दावा किया था।

हालांकि, अपीलीय न्यायाधिकण ने चार प्रबंधकों और कंपनी सचिव की अलग अपील को स्वीकार करते हुए कहा था कि कर्मचारी होने के कारण उन्हें कंपनी के कृत्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

सेबी ने अब फैसले के इसी हिस्से को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। मामला सेबी के अक्टूबर, 2018 के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कंपनी को जुटाई गई राशि वापस करने, अपनी परिसंपत्तियों का विवरण देने और कुछ अधिकारियों को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया था।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय