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नांदेड़ नगर निकाय ने 22 नालों का प्रवाह गोदावरी नदी में रोका

नांदेड़, 18 जून (भाषा) महाराष्ट्र में नांदेड़-वाघाला शहर महानगर पालिका ने अपने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण पहल के तहत 22 प्रमुख नालों का बिना शोधित मल-जल गोदावरी नदी में बहने से रोक दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

नगर आयुक्त डॉ. महेशकुमार डोईफोडे ने शहर की जीवन रेखा मानी जाने वाली नदी में प्रदूषण रोकने और उसकी निर्मलता बनाए रखने के लिए लागू किए जा रहे विभिन्न उपायों की स्थिति का आकलन करने के लिए बुधवार को एक बैठक की।

बैठक के दौरान, अधिशासी अभियंता संघरत्न सोनसले ने परियोजना का विवरण प्रस्तुत किया, जिसके तहत नदी के समानांतर 3.3 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई गई है और अपशिष्ट (कचरा) हटाने और सीवेज के मार्ग को मोड़ने की सुविधा के लिए 17 अवरोधक संरचनाओं का निर्माण किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि अपशिष्ट जल को बोंधार मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी ) की ओर मोड़ने की व्यवस्था की गई है, जबकि बंदाघाट और गोवर्धन घाट के बीच पॉकेट एसटीपी चालू कर दिए गए हैं। चुनाल धारा पर एक नयी मलजल शोधन संयंत्र सुविधा भी स्थापित की गई है।

शहर के दक्षिणी भाग में, छह मुख्य नालों के सीवेज (मलजल) को 2.1 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से वासरनी पंपिंग स्टेशन की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे इसे सीधे नदी में गिरने से रोका जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि अनुष्ठान अपशिष्टों के विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने और सुरक्षा उद्देश्यों के लिए, ओल्ड मोंधा और गोवर्धन घाट पुलों पर 10 फुट ऊंचे सुरक्षात्मक जाल लगाए गए हैं।

भाषा तान्या अमित

अमित