नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को युवाओं से संविधान से प्रेरणा लेकर ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने का आह्वान किया और कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य को पूरा करने का दायित्व नौजवानों के कंधों पर है।
उन्होंने ‘विकसित भारत युवा संसद 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक महिलाएं भारत के परिवर्तन की अग्रदूत हैं और स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत हुई है।
यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा लोक सभा सचिवालय के संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) के सहयोग से आयोजित किया गया।
बिरला ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है और यह भारत के सभी नागरिकों का मार्गदर्शन करता है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इस ऐतिहासिक स्थल से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में काम करें।
भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की व्यापक भागीदारी को रेखांकित करते हुए बिरला ने बताया कि अब 50 लाख से अधिक युवा सक्रिय रूप से युवा संसद कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं।
उनका कहना था, ‘‘वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने का दायित्व युवाओं पर है और इस दिशा में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की भूमिका सराहनीय है।’’
बिरला ने कि यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और नए नेतृत्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर खेल मंत्री मनसुख मंडाविया, लोक सभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह और युवा मामले और खेल मंत्रालय की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल उपस्थित थीं।
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