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भड़काऊ बयानबाजी के मामले में सांसद अभिषेक बनर्जी से सीआईडी की पूछताछ जारी

(फोटो के साथ)

कोलकाता, 16 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के मामले में तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं सांसद अभिषेक बनर्जी से मंगलवार को राज्य के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) की पूछताछ जारी है।

बनर्जी दोपहर से पहले कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय ‘भवानी भवन’ पहुंचे।

इससे पहले विधायकों के जाली हस्ताक्षर मामले में रविवार को अपराध अन्वेषण विभाग ने और शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव से लंबी पूछताछ की थी। पिछले बृहस्पतिवार को भी सीआईडी ने जाली हस्ताक्षर मामले में उनसे पूछताछ की थी।

राज्य की जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, डायमंड हार्बर से सांसद के लिए सवालों की एक सूची तैयार की गई थी।

अधिकारी ने कहा, ‘‘उनसे यह भी पूछा गया कि चुनावी रैलियों के दौरान उनके भड़काऊ बयानों के पीछे क्या मकसद था।’’

प्राप्त सूचना के अनुसार पूछताछ के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने बनर्जी को उस बैठक का वीडियो फुटेज दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर वह बयान दिया था।

पूछताछ की पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण और उसकी वीडियोग्राफी भी की जा रही है।

बनर्जी के खिलाफ कथित भड़काऊ बयानों को लेकर एक महीने पहले प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह प्राथमिकी उत्तर 24 परगना जिले के बागुईआटी थाने में सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार द्वारा पांच मई को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोप है कि तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने चुनाव बाद की हिंसा और मतगणना प्रक्रिया पर भड़काऊ टिप्पणियां की थीं।

शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि बनर्जी ने अपनी भड़काऊ टिप्पणियों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था।

उन्होंने बताया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता ने बनर्जी पर 27 अप्रैल से तीन मई के बीच चुनाव से जुड़े कई कार्यक्रमों के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया।

पुलिस अधिकारी ने बताया था, ‘‘शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जनसभाओं के दौरान की गई कुछ टिप्पणियां उकसाने वाली थीं और उनसे सार्वजनिक व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी।’’

भाषा सुरभि सुरेश

सुरेश