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केरल में महिलाओं और उभयलिंगी व्यक्तियों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना को जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी गई

तिरुवनंतपुरम, 15 जून (भाषा) केरल उच्च न्यायालय में सोमवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई, जिसमें राज्य सरकार की हाल ही में शुरू की गई “प्रियदर्शिनी योजना” को चुनौती दी गई है। यह योजना केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की साधारण बसों में महिलाओं और उभयलिंगी व्यक्तियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा देती है।

यह याचिका मुहम्मद फिरदौस द्वारा दायर की गई, जिन्होंने स्वयं को एक जनहितैषी नागरिक और करदाता बताया है।

याचिकाकर्ता ने 11 जून 2026 के सरकारी आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह योजना “मनमानी, भेदभावपूर्ण और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करने वाली” है।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि इस योजना से सरकारी खजाने पर प्रतिदिन लगभग दो करोड़ रुपये और सालाना लगभग 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

जनहित याचिका में योजना को इतनी शीघ्रता से मंजूर किए जाने पर भी सवाल उठाया गया है।

याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया है कि वह इस सरकारी आदेश को निरस्त करे।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत