नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली में यमुना के 28 घाटों पर चलाए गए सफाई अभियान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके कैबिनेट सहयोगियों के शामिल होने के एक दिन बाद प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि बोतलें और पॉलीथीन उठाने से नदी साफ नहीं होगी।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा सरकार के डेढ़ साल के शासनकाल में यमुना का प्रदूषण पहले से बढ़ा है।
उन्होंने एक बयान में दावा किया कि आज भी यमुना में प्रदूषण का झाग देखा जा सकता है, जिसे सरकार रसायनों के माध्यम से अस्थायी रूप से खत्म करके अपनी नाकामी छुपा रही है, लेकिन मूल समस्या जस की तस बनी हुई है।
कुमार ने यमुना के घाटों की सफाई को लेकर आयोजित कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए कहा कि खाली बोतलें और पॉलीथीन उठाना यमुना की वास्तविक सफाई नहीं है।
उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई के लिए तकनीकी आधार पर काम करने और गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में उत्पन्न होने वाला लगभग 80 प्रतिशत प्रदूषित पानी और सीवेज यमुना में जाकर गिरता है, जबकि यमुना का केवल दो प्रतिशत हिस्सा ही दिल्ली में पड़ता है।
कुमार ने इस बात पर दुख जताया कि यमुना नदी के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि नदी की हालत लगातार बद से बदतर होती जा रही है।
कांग्रेस नेता ने आगाह किया, “जिस प्रकार यमुना के नाम पर राजनीति करने पर अरविंद केजरीवाल सरकार को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा था, उसी प्रकार भाजपा सरकार को भी दिल्ली की सत्ता से जाना पड़ेगा और मां यमुना उनको माफ नहीं करेगी।’’
गुप्ता और उनके कैबिनेट सहयोगी रविवार को यहां यमुना नदी के 28 घाटों पर चलाए गये सफाई अभियान में शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा भी पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ यमुना नदी के किनारे वाले इलाके में चलाये गये इस अभियान में शामिल हुए।
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नोमान सुरेश
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