Breaking News

दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट अब खुल गए हैं     |   कनॉट प्लेस में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल हुई     |   केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है     |   'उसको तो जाना ही था ये हिंदुस्तान के भविष्य की जीत है...', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले राहुल गांधी     |   CJP का धरना खत्म, युवा जंतर-मंतर के आसपास से बाहर निकलने लगे     |  

तृणमूल विधायक कुणाल घोष पर ममता बनर्जी के आवास के बाहर अंडा फेंका गया

कोलकाता, 15 जून (भाषा) दक्षिण कोलकाता के कालीघाट इलाके में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के आवास के बाहर सोमवार शाम पार्टी के विधायक कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया। यह घटना उनके घर से बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद हुई।

यह घटना शाम करीब साढ़े छह बजे की है। उस समय घोष पार्टी प्रमुख के आवास के बाहर संवाददाताओं से बात करने के लिए रुके हुए थे। घोष उत्तर कोलकाता के बेलियाघाटा से विधायक हैं।

चश्मदीदों के अनुसार, चंदन नामक व्यक्ति ने बेहद करीब से उन पर अंडा फेंका। घोष ने बचने के लिए सिर झुकाने का प्रयास किया, लेकिन अंडा उनके सिर पर लगकर फूट गया।

अपने कृत्य को सही ठहराते हुए चंदन ने आरोप लगाया, “वह (घोष) अंडे मारे जाने के लायक हैं। उन्होंने बहुत अत्याचार करने के साथ कई गलत काम किए हैं।

आरोपी ने खुद को स्थानीय निवासी बताया और बाद में पत्रकारों से कहा, “उन्होंने बहुत गलत काम किए हैं। वह इसी लायक थे। सब जानते हैं कि उन्होंने क्या किया है।”

घोष ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “गुंडागर्दी की सुनियोजित हरकत” बताया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “मैं ममता दीदी के आवास से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात कर रहा था। दो लड़के बहुत करीब खड़े थे। उनमें से एक ने अंडा फेंका और भाग गया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय किसी ने भी आरोपी को रोकने या पकड़ने की कोशिश नहीं की।

तृणमूल विधायक ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “ममता दीदी को ‘जेड-श्रेणी’ की सुरक्षा मिली हुई है। यह घटना उनके आवास से लगभग 10 मीटर के दायरे में हुई है। फिर सुरक्षा कहां थी?”

उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें रोक नहीं पाएगी।

रात साढ़े सात बजे तक इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज होने या किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी।

भाषा प्रचेता प्रशांत

प्रशांत