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विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए और कदम उठाए जाएंगे: निर्मला सीतारमण

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय बाजार में विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए अभी और कदम उठाए जाएंगे।

‘हीरो माइंडमाइन समिट 2026’ में यहां उन्होंने कहा कि सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) में विदेशी निवेशकों द्वारा किए गए निवेश पर ब्याज और पूंजीगत लाभ कर से छूट जैसे उपाय विदेशी पूंजी को वापस आकर्षित करने की दिशा में पहला कदम हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह कहानी का अंत नहीं है और भी कदम उठाए जाएंगे। हम मानते हैं कि हमें और अधिक विदेशी पूंजी की आवश्यकता है।’’

भारतीय रिजर्व बैंक ने पांच जून को बैंकों को तीन से पांच वर्ष की अवधि वाले विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) जमा के लिए अपनी मुद्रा अदला-बदली सुविधा का उपयोग करने की अनुमति दी थी, जिससे वे अमेरिकी डॉलर जमा को आरबीआई के साथ बदल सकें एवं मुद्रा जोखिम का प्रबंधन कर सकें।

इसके अलावा, विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बाहरी या विदेशों से वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) जुटाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु रियायती विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा भी दी गई है, जो 30 सितंबर तक लागू रहेगी।

सीतारमण ने कहा कि आरबीआई द्वारा घोषित ढांचे के तहत मुद्रा जोखिम की लागत आरबीआई वहन करेगा, जिससे बैंक बिना बाधा अपने संसाधन जुटा सकेंगे।

उन्होंने साथ ही कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कच्चे माल, कच्चे तेल और उर्वरकों के आयात के कारण ‘‘गंभीर दबाव’’ का सामना कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्थिति हर सप्ताह बदल रही है और नई-नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसलिए देश को हर ऐसी आपात स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा