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मप्र एटीएस ने संदिग्ध कट्टरपंथी मॉड्यूल की जांच का दायरा बढ़ाया, दो और गिरफ्तार

भोपाल, 14 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने एक संदिग्ध अंतरराज्यीय कट्टरपंथी समूह मामले में जांच के दौरान रविवार को उत्तर प्रदेश और राजस्थान से दो और लोगों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या तीन हो गई है। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी भोपाल निवासी मोहम्मद फराज (35) की हुई थी, जिसे मध्यप्रदेश एटीएस ने शुक्रवार को भोपाल के काजी कैंप इलाके से गिरफ्तार किया था।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग कथित तौर पर एक बंद ऑनलाइन समूह का हिस्सा थे, जिसे पाकिस्तान स्थित एक ‘हैंडलर’ द्वारा ‘एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से नियंत्रित किया जाता था। इसी मामले की जांच में यह कार्रवाई हो रही है।

अधिकारी ने बताया कि हाल में गिरफ्तार किए गए लोगों में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता निवासी नईम अब्दुल्ला कुरैशी (38) और राजस्थान के अलवर जिले के मोहम्मद शाकिर (34) शामिल हैं।

कुरैशी को शुक्रवार रात मध्यप्रदेश एटीएस, उत्तर प्रदेश एटीएस, उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शाकिर को रविवार तड़के मध्यप्रदेश एटीएस की टीम ने हिरासत में लिया।

सूत्रों ने कहा कि चौथे संदिग्ध की दूसरे राज्य में तलाश की जा रही है और जल्द उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने इस बारे में जानकारी साझा की कि ऑनलाइन समूहों का इस्तेमाल कथित तौर पर विदेशी ‘आकाओं’ द्वारा लोगों को कट्टरपंथी बनाने और संचालित समूहों में उनकी भर्ती करने के लिए किया जा रहा है।

जांच अधिकारियों ने दावा किया कि एक निजी होम्योपैथिक क्लिनिक में कार्यरत स्नातक फराज कथित नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था और ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से प्रभावित हो रहा था।

सूत्रों ने बताया कि फराज और कुरैशी को 16 जून तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया, जबकि शाकिर को 20 जून तक के लिए हिरासत में भेजा गया है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, कुरैशी ने कथित तौर पर लगभग दो साल पहले फराज को ऑनलाइन समूह में शामिल करवाया था।

उन्होंने बताया कि दोनों ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में एक मदरसे में एक साथ पढ़ाई की थी।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल सामग्री जब्त की है, जिसमें चरमपंथी साहित्य और ऑनलाइन समूह के माध्यम से कथित तौर पर साझा किए गए वीडियो शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कथित नेटवर्क की प्रकृति और सीमा, इसके लिंक और इसके सदस्यों के बीच चर्चा की गई किसी भी संभावित योजना का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

भाषा ब्रजेन्द्र सुरभि

सुरभि