Breaking News

सीतामढ़ी में कुख्यात अपराधी राकेश यादव के भाई को अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली, मौत     |   ठाणे: मेट्रो निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरा 26 टन वजन वाला कंटेनर, टला बड़ा हादसा     |   ग्रेटर नोएडा: एल्डिगो सोसाइटी में वाटर टैंक सफाई के दौरान 2 की दम घुटने से मौत     |   जम्मू-कश्मीर के दरहाली अट्टी इलाके में अचानक आई बाढ़, घरों और खेतों में घुसा पानी     |   दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन फिर खुले, यात्रियों के लिए बड़ी राहत     |  

'शिक्षक ज्यादा वेतन के भूखे': गुजरात के मंत्री के बयान से विवाद, शिक्षक संगठन ने माफी की मांग की

गोधरा (गुजरात), 14 जून (भाषा) गुजरात के मंत्री रमेश कटारा ने कथित तौर पर शिक्षकों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वे ज़्यादा वेतन के भूखे हैं। उनके इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया और शिक्षकों के एक संगठन ने उनसे बयान वापस लेने और माफी की मांग की है।

कृषि राज्य मंत्री रमेश कटारा शनिवार को पंचमहल जिले के गोधरा में केंद्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के दौर की परिस्थितियों की तुलना वर्तमान के विकास कार्यों से करते हुए शिक्षकों और उनके वेतन को लेकर भी टिप्पणी की।

शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कटारा ने कहा कि पहले गांवों के स्कूलों में सुविधाओं का अभाव था और शिक्षक बहुत कम वेतन पर काम करते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘आज उन्हें इतना अधिक वेतन मिलता है... फिर भी उनकी भूख शांत नहीं हुई है। वे अब भी प्रदर्शन करते हैं। वे मोदी साहब और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं। हमारे बुजुर्गों से पूछिए, वे 500 या 1,000 रुपये में काम करते थे। आज देखिए उन्हें कितना वेतन मिलता है। इसके बावजूद वे काम करने को तैयार नहीं हैं।’’

मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कई शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं।

उन्होंने शिक्षकों को सलाह दी कि यदि वे स्वयं खुश हैं तो दूसरों को भी खुश रखें।

कटारा की टिप्पणियों की अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से संबद्ध संगठन ‘प्राथमिक शैक्षिक महासंघ’ ने कड़ी आलोचना की।

महासंघ के गुजरात अध्यक्ष अनिरुद्धसिंह सोलंकी ने एक बयान में इन टिप्पणियों को ‘‘अत्यंत आपत्तिजनक और निंदनीय’’ बताया तथा शिक्षकों के वेतन आयोग से संबंधित तथ्यों को लेकर मंत्री पर गलत दावे करने का आरोप लगाया।

सोलंकी ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा कि शिक्षकों को आठवें वेतन आयोग और दसवें वेतन आयोग का लाभ मिल चुका है। यह पूरी तरह गलत और असत्य है। हम मंत्री जी द्वारा की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि मंत्री अपना बयान वापस लें और गुजरात के ढाई लाख से अधिक शिक्षकों से माफी मांगें।’’

भाषा

राखी प्रशांत

प्रशांत