Breaking News

सीतामढ़ी में कुख्यात अपराधी राकेश यादव के भाई को अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली, मौत     |   ठाणे: मेट्रो निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरा 26 टन वजन वाला कंटेनर, टला बड़ा हादसा     |   ग्रेटर नोएडा: एल्डिगो सोसाइटी में वाटर टैंक सफाई के दौरान 2 की दम घुटने से मौत     |   जम्मू-कश्मीर के दरहाली अट्टी इलाके में अचानक आई बाढ़, घरों और खेतों में घुसा पानी     |   दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन फिर खुले, यात्रियों के लिए बड़ी राहत     |  

उत्तर प्रदेश: एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक मुद्दे पर राजभवन की ओर मार्च किया

लखनऊ, 14 जून (भाषा) कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को यहां नीट, लेखपाल और उत्तर प्रदेश उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षाओं समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित प्रश्न पत्र लीक और इस मुद्दे को उठाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में एक मार्च निकाला।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अनस रहमान के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से मार्च शुरू किया और राजभवन की ओर बढ़े।

मार्च को लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से पहले पुलिस ने भारी अवरोधक लगाकर रोक दिया।

आगे बढ़ने के प्रयास के तहत कई प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।

संगठन ने दावा किया कि इस टकराव के दौरान एक कार्यकर्ता बेहोश होकर गिर पड़ा और उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और बसों में बैठाकर इको गार्डन ले जाया गया, जहां से उन्हें शाम को रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार निष्पक्ष तरीके से प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने में विफल रही है।

जाखड़ ने कहा, 'एनएसयूआई कार्यकर्ता सड़कों पर हैं क्योंकि सरकार प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने में पूरी तरह विफल रही है। हम उत्तर प्रदेश और पूरे देश में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।'

उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया, 'भारी पुलिस बल की तैनाती साफ तौर पर दिखाती है कि भाजपा सरकार डरी हुई है। सरकार पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण दे रही है।'

जाखड़ ने उन छात्रों का भी उल्लेख किया, जिन्हें कथित रूप से परीक्षा अनियमितताओं के कारण नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने मृत छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की।

उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पर प्रतिबंध लगाने और धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

रहमान ने कहा, 'हम राहुल गांधी के सिपाही हैं और रुकने वाले नहीं हैं। यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ चाहे जितनी कार्रवाई की जाए, एनएसयूआई छात्रों और बेरोजगार युवाओं की आवाज उठाता रहेगा।'

भाषा राजेंद्र जोहेब

जोहेब