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दिल्ली की अदालत ने दो शिकायत मामलों में पक्षपात के आरोपों को लेकर मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास लंबित दो आपराधिक मामलों की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। आरोपियों ने कार्यवाही के दौरान पक्षपात और प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इन मामलों को स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार दहिया दो अलग-अलग आपराधिक शिकायत से संबंधित मामलों में दायर स्थानांतरण याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे और उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट कोमल से सीलबंद लिफाफे में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया।

नौ जून के आदेश में अदालत ने फिलहाल दोनों मामलों की सुनवाई पर रोक लगा दी।

अदालत ने गौर किया कि याचिकाओं में पीठासीन अधिकारी के खिलाफ पक्षपात के आरोप लगाए गए थे और निर्देश दिया कि स्थानांतरण याचिका की एक प्रति संबंधित मजिस्ट्रेट को भेजी जाए।

इनमें से एक याचिका ‘‘अद्विक कैपिटल लिमिटेड बनाम फेयरप्लान डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य’’ मामले में आरोपी अमित सरावगी ने दायर की है, जबकि दूसरी याचिका ‘‘राजेश कुमार कौशिक बनाम विपिन शर्मा और अन्य’’ मामले में दयानंद राय ने दाखिल की है।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि समन जारी करने से पहले की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही आरोपियों को नोटिस भेज दिए गए थे और दावा किया कि इन मामलों में असामान्य रूप से जल्दबाजी की जा रही थी। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि अगर मामले उसी अदालत में चलते रहे, तो उनके मामले में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश