Breaking News

कोलकाता: टीएमसी छात्र यूनियन के दफ्तर में मिले जले हुए नोट, करोड़ों रुपये की नकदी नष्ट     |   बिहार में सम्राट चौधरी कैबिनेट की बैठक कल, कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लग सकती है मोहर     |   सरकार का बड़ा एक्शन, सीबीएसई चेयरमैन और सेक्रेटरी को हटाया गया     |   चेन्नई पोर्ट पर सल्फर गैस लीक, लोगों ने की आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कतों की शिकायतें     |   गद्दारी करने वालों को सन्मति दे भगवान: ममता बनर्जी     |  

गोयल ने ब्रिटेन के व्यापार मंत्री से आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय मंत्री पीटर काइल के साथ बैठक कर आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

गोयल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस बैठक में भारत-ब्रिटेन आर्थिक साझेदारी के अगले चरण, साझा कारोबारी प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

यह बैठक दोनों देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) को लागू करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने 24 जुलाई, 2025 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

हालांकि, इस्पात पर ब्रिटेन में उठाए गए सुरक्षात्मक कदम और कार्बन कर व्यवस्था (सीबीएएम) इस समझौते के क्रियान्वयन में प्रमुख अड़चन बनकर उभरे हैं।

सूत्रों ने कहा कि यदि इन मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो भारत स्कॉच व्हिस्की जैसे उत्पादों पर दी गई शुल्क रियायतों की समीक्षा कर सकता है।

ब्रिटेन एक जुलाई, 2026 से शुल्क-मुक्त इस्पात आयात पर सीमा तय कर रहा है, जिसके तहत कोटा में 60 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी। इस सीमा से अधिक आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। यह प्रावधान उन इस्पात उत्पादों पर लागू होगा जिनका उत्पादन ब्रिटेन में भी संभव है।

इसके अलावा, ब्रिटेन 2027 से कार्बन कर प्रणाली लागू करने जा रहा है, जिसके तहत इस्पात, एल्युमीनियम, उर्वरक एवं सीमेंट जैसे उत्पादों पर कार्बन कर लगाया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार, इस कदम से भारत के करीब 77.5 करोड़ डॉलर के निर्यात प्रभावित हो सकते हैं।

भारत से वित्त वर्ष 2025-26 में ब्रिटेन को लौह एवं इस्पात तथा उनसे जुड़े उत्पादों का निर्यात 89.34 करोड़ डॉलर रहा, जो कुल 13.4 अरब डॉलर के निर्यात का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

व्यापार समझौते के तहत भारत ने ब्रिटेन से आयातित व्हिस्की एवं जिन पर सीमा शुल्क को 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत करने और समझौते के 10वें वर्ष में इसे घटाकर 40 प्रतिशत करने की घोषणा की है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय