नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जून 2020 में शुरुआत होने के बाद से इसके तहत 17,800 करोड़ रुपये से अधिक ऋण वितरित किए गए हैं। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
मंत्रालय के अनुसार, यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों के वित्तीय समावेशन और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए एक प्रमुख वाहक बनकर उभरी है।
'प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि' (पीएम स्वनिधि) योजना के सोमवार को छह वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंत्रालय ने कहा कि इस योजना से देश के शहरी क्षेत्रों के 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ हुआ है। इससे उन्हें औपचारिक ऋण प्राप्त करने, डिजिटल भुगतान करने और सामाजिक सुरक्षा का लाभ उठाने में मदद मिली है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद शुरू की गयी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उद्देश्य उन रेहड़ी-पटरी वालों को किफायती कार्यशील पूंजीगत ऋण प्रदान करना था, जो पारंपरिक रूप से ऊंचे ब्याज दरों पर ऋण के अनौपचारिक स्रोतों पर निर्भर थे।
इस योजना के तहत ब्याज सब्सिडी और ऋण गारंटी सहायता के साथ 15,000 रुपये, 25,000 रुपये और 50,000 रुपये की तीन प्रगतिशील किस्तों में बिना गारंटी के ऋण प्रदान किया जाता है।
मंत्रालय ने कहा कि योजना के तहत डिजिटल समावेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 55 लाख से अधिक लाभार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
भाषा सुमित सुभाष
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