कोलकाता, 31 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में अभिषेक बनर्जी पर कुछ लोगों द्वारा पथराव और अंडे फेंके जाने के एक दिन बाद रविवार को तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा कि वह ‘‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’’ का शिकार हुए हैं।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को उस समय हमला हुआ जब वह सोनारपुर कस्बे में चुनाव के बाद हुई हिंसा के एक कथित पीड़ित के घर गए थे। बाद में उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें जान से मारने की कोशिश की थी।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ‘‘आज मैं उन लोगों द्वारा फैलाई गई राजनीतिक हिंसा और राज्य प्रायोजित आतंकवाद के शिकार के रूप में खड़ा हूं, जो खुद को राष्ट्रवाद का रक्षक होने का दावा करते हैं।’’
टीएमसी नेता ने घटना के बाद ‘‘चिंता और निरंतर समर्थन’’ के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को धन्यवाद दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भी हमले की निंदा करने के लिए आभार जताया।
डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने कहा, ‘‘हम भारत की आत्मा की रक्षा करने, इसके लोकतांत्रिक संस्थानों का बचाव करने और हमारे संविधान में निहित मूल्यों को कायम रखने के अपने संघर्ष में एकजुट और दृढ़ संकल्पित हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल, मैंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पांच देशों की यात्रा की। मैंने अपने देश का पक्ष रखा और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा रहा।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘आज की भाजपा की यही वास्तविकता है। अगर आप उनका समर्थन करते हैं, तो आप देशभक्त कहलाते हैं। अगर आप उन पर सवाल उठाते हैं, तो आप निशाने पर आ जाते हैं। अगर आप उनके साथ खड़े होते हैं, तो आपकी प्रशंसा होती है। अगर आप उनके खिलाफ खड़े होते हैं, तो वे आपको चुप कराने की कोशिश करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता अस्थायी है। जनता सर्वोपरि है। मैं केवल जनता के समक्ष ही नतमस्तक होऊंगा, सत्ता में बैठे लोगों के समक्ष कभी नहीं।’’
राहुल गांधी को संबोधित एक संदेश में टीएमसी नेता ने कहा, ‘‘हम लोकतंत्र को कमजोर करने और हमारे राष्ट्र को विभाजित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे। ‘इंडिया’ (गठबंधन) एकजुट है और हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि भय, घृणा, हिंसा और धमकियों की राजनीति पराजित हो और जनता की आवाज बुलंद हो।’’
सोरेन को एक संदेश में बनर्जी ने कहा कि यह हमला विपक्ष को डराने के लिए ‘‘राज्य प्रायोजित और केंद्र समर्थित प्रयास’’ के सभी लक्षण दर्शाता है।
अखिलेश यादव को संबोधित संदेश में अभिषक बनर्जी ने कहा कि शनिवार को जो कुछ हुआ वह ‘‘कुछ उपद्रवी तत्वों का कृत्य नहीं था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकारों का मूल्यांकन न केवल उनके कार्यों से होता है, बल्कि उन कार्यों से भी होता है जिन्हें वे जानबूझकर नहीं करतीं। विपक्षी सांसद की सुरक्षा वापस लेना, स्पष्ट चेतावनियों के बावजूद पुलिस तैनात करने से इनकार करना और सशस्त्र गुंडों को बेखौफ घूमने देना एक भयावह सच्चाई को उजागर करता है।’’
भाषा शफीक नरेश
नरेश