देहरादून, 31 मई (भाषा) चंपावत जिले के श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे में रविवार को एक बड़ी त्रासदी होने से टल गई, जब वार्षिक जोड़ मेले के दौरान उफनती नदी में फंसे 50 से अधिक तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और मौसम संबंधी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक टीम को मेला स्थल पर पहले ही तैनात कर दिया गया था।
क्षेत्र में अचानक हुई बारिश के कारण लधिया और रतिया नदियों का जलस्तर बढ़ने पर पहले से की गई यह तैनाती महत्वपूर्ण साबित हुई।
गुरुद्वारे में दर्शन के लिए जाने से पहले दो नदियों के संगम पर स्नान कर रहे 50 से अधिक तीर्थयात्री उफनते पानी में फंस गए। नदी के किनारे खड़ी कई गाड़ियां भी बढ़ते जलस्तर की चपेट में आ गईं जिससे अफरा-तफरी मच गई।
अधिकारियों ने बताया कि एसडीआरएफ की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि तेज धारा और चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद कर्मियों ने फंसे सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रूप से नदी पार कराई। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में भी सहायता की।
एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने बताया कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि अग्रिम तैनाती के कारण त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकी।
उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सभी एसडीआरएफ इकाइयों को उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा
शुभम सिम्मी
सिम्मी