नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने रविवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा की घटनाओं की कड़ी निंदा की और कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित प्रतिनिधियों पर शारीरिक हमलों और तोड़फोड़ के लिये कोई जगह नहीं है।
राजा की यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के एक दिन बाद आई है। बनर्जी पर यह हमला उस समय हुआ, जब वह पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे।
इस बीच, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी दावा किया कि रविवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक थाने के सामने भीड़ द्वारा घेरकर हमला किये जाने के बाद उनके सिर में चोटें आईं। वह विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ ज्ञापन सौंपने थाने पहुंचे थे।
भाकपा महासचिव डी राजा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं और इनकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर शारीरिक हमलों और तोड़फोड़ के कृत्यों के लिये लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। चुनाव जनता की इच्छा को दर्शाने के लिए होते हैं, न कि हिंसा के माध्यम से राजनीतिक हिसाब चुकता करने का जरिया।'
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान और उसके बाद भी राज्य में माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।
भाकपा नेता ने कहा, 'भाजपा, जो अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है, अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती। खुद भाजपा समर्थकों द्वारा हिंसक घटनाओं में शामिल होने, राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर हमला करने और लेनिन की प्रतिमा जैसे सार्वजनिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं।'
राजा ने मांग की कि सरकार को निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए, शांति बहाल करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राजनीतिक संबद्धता से परे, सभी दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।
पुलिस के अनुसार, डायमंड हार्बर से सांसद और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले में धक्का-मुक्की की गई थी। अज्ञात लोगों ने नारेबाजी करते हुए उन पर कथित तौर पर हमला करने का प्रयास किया और उन पर पत्थर, जूते व अंडे फेंके।
बाद में अभिषेक बनर्जी को पुलिस का हेलमेट पहने और फटी हुई शर्ट में इलाके से सुरक्षित बाहर ले जाते हुए देखा गया।
इस घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और चुनाव के बाद जारी हिंसा के सिलसिले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
भाषा सुमित दिलीप
दिलीप