भुवनेश्वर, 31 मई (भाषा) ओडिशा के कटक जिले में पुलिसकर्मियों द्वारा एक व्यक्ति का कथित तौर पर उत्पीड़न किए जाने के बाद थाने के प्रभारी निरीक्षक का तबादला कर दिया गया।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि व्यक्ति ने एक महिला के शव की पहचान अपनी पत्नी के तौर पर करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसका उत्पीड़न किया।
अधिकारियों ने बताया कि बरंगा थाने के प्रभारी निरीक्षक निरंजन नायक का कटक के पुलिस उपायुक्त के कार्यालय में तबादला कर दिया गया है, जबकि पुरीघाट के प्रभारी विश्वरंजन नायक को बरंगा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चंडीप्रसाद गांव के निवासियों के आक्रोश के बीच कटक के डीसीपी खिलारी ऋषिकेश ज्ञानदेव ने राकेश बेहेरा (32) नामक व्यक्ति को प्रताड़ित किए जाने के आरोप को खारिज कर दिया और दावा किया कि व्यक्ति गुर्दे और फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित है।
हालांकि, राज्य के पुलिस प्रमुख ने प्रताड़ित किए जाने के आरोपों पर एक रिपोर्ट मांगी है।
अधिकारियों के अनुसार, बेहेरा की पत्नी 16 मई को लापता हो गई थी, जिसके बाद उसने बरंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस को 22 मई को महानदी नदी से एक अज्ञात महिला का शव मिला जिसके बाद बृहस्पतिवार को उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
ग्रामीणों का दावा है कि बेहेरा ने पुलिस को बताया था कि शव उसकी पत्नी का नहीं है और बाद में पता चला कि उसकी पत्नी दिल्ली में है।
बेहेरा के पिता कार्तिक बेहेरा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके बयान पर विश्वास करने से इनकार कर दिया और उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
पिता ने आरोप लगाया, 'बृहस्पतिवार देर रात को लगभग छह पुलिसकर्मियों का एक दल राकेश को पास के जंगल में ले गया और उसे बेरहमी से पीटा। मेरा बेटा गंभीर रूप से घायल है और अब वह जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। पुलिस अधिकारी हमें उसकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे।'
शुक्रवार को सैकड़ों लोगों ने कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने वाली सड़क को अवरुद्ध कर दिया और बेहेरा के स्वास्थ्य की जानकारी मांगी तथा आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बेहेरा का इलाज जारी है।
भाषा
शुभम जोहेब
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