कोलकाता, 31 मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला ‘‘सुनियोजित और भाजपा प्रायोजित’’ था।
टीएमसी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला जनता के आक्रोश की सहज अभिव्यक्ति नहीं थी, जैसा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दावा कर रही है।
टीएमसी ने ‘एक्स’ पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि वे इस घटना में स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों की संलिप्तता साबित करती हैं।
पार्टी ने अपने एक पोस्ट में कहा, “यदि भाजपा का दावा है कि यह हमला केवल जनता के आक्रोश की सहज अभिव्यक्ति का परिणाम था, तो फिर एक प्रमुख भाजपा पदाधिकारी घटनास्थल पर सक्रिय और निर्देशात्मक भूमिका में क्यों मौजूद था? इस लामबंदी को किसने अधिकृत किया?”
टीएमसी ने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं और दावा किया कि घटना के दौरान भीड़ में दिखाई देने वाली एक महिला पहले भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी के साथ तस्वीरों में देखी जा चुकी है।
पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि इस कथित लामबंदी को किसने अधिकृत किया और हमले की योजना किसने बनाई।
टीएमसी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का उल्लेख करते हुए अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के लिए उनकी जवाबदेही तय करने की मांग की।
राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार को दुर्व्यवहार किया गया और बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर अंडे, जूते तथा पत्थर फेंके। इस दौरान बनर्जी क्रिकेट हेलमेट पहनकर और अपने सहयोगियों की मदद से बड़ी मुश्किल से भीड़ के बीच से निकल सके।
बनर्जी चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने गए थे। बाद में उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता उनकी हत्या करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की।
स्थिति जल्द ही अराजक हो गई और भीड़ के कुछ सदस्यों ने कथित रूप से उन पर मुक्कों और लातों से हमला करने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
इसके बाद, उन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में कुछ देर के लिए भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता वर्षों से ‘‘बांग्लादेशी’’ शब्द का अपमानजनक विशेषण के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं और अब इसी प्रकार की टिप्पणियां एक मौजूदा सांसद के खिलाफ की जा रही हैं।
पार्टी ने सवाल किया कि क्या केंद्र में भाजपा नीत शासन के दौरान विपक्षी सांसदों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है। उसने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी पूछा कि क्या वह इस घटना की निंदा करेंगे।
टीएमसी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में सार्वजनिक विमर्श का स्तर लगातार गिर रहा है और कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर देश और विदेश के लोग करीबी नजर रखे हुए हैं।
वहीं, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि स्वस्थ और सामान्य समाज में ऐसी घटनाएं वांछनीय नहीं हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि उनकी पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है।
भट्टाचार्य ने कहा, “भाजपा इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल नहीं है। लेकिन जो कुछ हुआ, वह उन स्थानीय लोगों के गुस्से का परिणाम हो सकता है, जिन्होंने वर्षों तक उत्पीड़न झेला है।”
भाषा रवि कांत दिलीप
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