Breaking News

हिज्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों पर हुए ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली     |   वाराणसी: जल निगम की पाइपलाइन में लगी भीषण आग     |   गुजरात में भूकंप के झटके, 3.4 मापी गई तीव्रता     |   उत्तराखंड: धामी सरकार ने 28 अप्रैल को बुलाया विशेष सत्र, नारी वंदन अधिनियम पर होगी चर्चा     |   विधानसभा चुनाव: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक 1000 करोड़ की शराब और कैश जब्त     |  

गुजरात पुलिस ने अंतरराज्यीय बच्चा चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, तेलंगाना से सरगना गिरफ्तार

बनासकांठा, 20 अप्रैल (भाषा) गुजरात के बनासकांठा जिले से इस महीने की शुरुआत में चार वर्षीय बच्चे के अपहरण की जांच कर रही पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

'मुरुगन गैंग' के नाम से कुख्यात यह गिरोह कथित तौर पर गुजरात, दिल्ली, तेलंगाना और महाराष्ट्र से नवजात शिशुओं की तस्करी करने और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने में शामिल था। अब तक की जांच में पुलिस ने कम से कम पांच बच्चों के अपहरण और उन्हें बेचे जाने की पुष्टि की है।

बीते छह अप्रैल को वडगाम से अगवा किए गए चार वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया था, जिसके बाद बनासकांठा पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को इस अपराध से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पता चला। तकनीकी गोपनीय जानकारी से संकेत मिला कि गिरोह का एक मुख्य संदिग्ध तेलंगाना से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है।

बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक प्रशांत सुम्बे ने कहा, 'पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए मुख्य आरोपी की पहचान बोदाशु नागराजू उर्फ मुरुगन के रूप में की और उसे उसके दो साथियों कसरापु तिरुपति और केलेती गंगाराजन के साथ गिरफ्तार कर लिया। ये सभी तेलंगाना के निवासी हैं।'

अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी मुरुगन शुरू में कृत्रिम गर्भाधान (आईवीएफ) केंद्रों के लिए 'अंडाणु दाता' (एग डोनर) के रूप में महिलाओं की व्यवस्था करने का काम करता था। वह ऐसी महिलाओं की पहचान करता था जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ थीं और उन्हें उन स्वस्थ महिलाओं से मिलवाता था जो आर्थिक लाभ के बदले अपने अंडाणु देने या 'सरोगेसी' (किराये की कोख) के लिए तैयार होती थीं।

इस दलाली के काम के बदले उसे प्रति महिला 5,000 से 6,000 रुपये का कमीशन मिलता था। हालांकि, नवजात शिशुओं को बेचने से होने वाले अधिक मुनाफे के लालच में वह बाद में अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी एजेंटों के संपर्क में आ गया।

बनासकांठा पुलिस द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह गिरोह जन्म के 24 से 48 घंटों के भीतर ही नवजात शिशुओं को हासिल कर लेता था और उन्हें मोटी रकम में बेच देता था।

आरोपियों ने कथित तौर पर गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली से शिशुओं का अपहरण किया और उन्हें स्थानीय बिचौलियों के माध्यम से बेचा।

तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पालनपुर में पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह ने गुजरात और महाराष्ट्र से दो-दो, तेलंगाना से तीन और दिल्ली से एक बच्चा बेचा है।

अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और तस्करी किए गए बच्चों को सुरक्षित छुड़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

भाषा सुमित रंजन

रंजन