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विकसित महाराष्ट्र कार्ययोजना का मुख्य जोर क्षेत्रीय असमानता को कम करना है: फडणवीस

मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को सभी विभागों को 'विकसित महाराष्ट्र 2047' की परिकल्पना के तहत क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने के उद्देश्य से समयबद्ध और ठोस कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, फडणवीस ने यहां दृष्टि प्रबंधन बोर्ड की बैठक में प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलों में समान विकास सुनिश्चित करते हुए क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को पाटना एक प्रमुख प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से अधिक है, लेकिन 11 ऐसे जिले हैं, जहां यह राष्ट्रीय मानक से नीचे है। इन जिलों को विकास के इंजन के रूप में देखा जाना चाहिए और राज्य के समग्र विकास को गति देने के लिए इन्हें मुख्यधारा में लाया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आकांक्षी जिला कार्यक्रम की तर्ज पर महाराष्ट्र ने सूक्ष्म स्तर के विकास को सुनिश्चित करने के लिए 10 आकांक्षी जिलों और 174 आकांक्षी तालुकों की पहचान की है।

फडणवीस ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के संकेतकों पर राज्य की स्थिति में सुधार के लिए नए सिरे से प्रयास करने का आह्वान किया, जहां महाराष्ट्र 2018-19 में चौथे स्थान पर था।

उन्होंने योजना विभाग को कार्य योजना के पहले चरण के लिए तत्काल दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया, जबकि वित्त विभाग को सभी विभागों के समन्वय से 30 अप्रैल तक परियोजनाओं का वित्तीय मूल्यांकन पूरा करने को कहा।

उन्होंने कहा, 'व्यापार करने में सुगमता को मजबूत किया जाना चाहिए। निजी निवेश, निर्यात और उपभोग को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत निर्णयों की आवश्यकता है।' उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी और भूमि मूल्य तंत्र का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिक केंद्रीय निधि प्राप्त करने के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्रों को समय पर जमा करने पर जोर दिया और विभागों को लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया।

भाषा

अमित दिलीप

दिलीप