मुंबई, 17 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 2014 के आईएसआईएस से जुड़े मामले में इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र अरीब मजीद के खिलाफ पांचवां पूरक आरोपपत्र दायर किया है, जिसमें आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का आरोप भी जोड़ा गया है।
पड़ोसी जिले ठाणे के कल्याण निवासी मजीद पर पहले से ही विभिन्न आतंकवादी कृत्यों और आपराधिक मामलों में मुकदमा चल रहा है।
इस मामले में गिरफ्तार इकलौते आरोपी मजीद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की अतिरिक्त धारा 17 के साथ आरोपपत्र विशेष एनआईए अदालत में दाखिल किया गया है। उक्त प्रावधान विशेष रूप से आतंकवादी कृत्य के लिए धन जुटाने के दंड से संबंधित है।
शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश चकोर बाविस्कर ने आरोपपत्र का संज्ञान लिया और निर्देश दिया कि इसकी एक प्रति आरोपी को दी जाए।
जांच एजेंसी के अनुसार, चार इंजीनियरिंग छात्र - फहद शेख, साहीम टंकी, अमन टंडेल और मजीद 23 मई 2014 को 22 जायरीन के एक समूह के साथ इराक में धार्मिक स्थलों की यात्रा करने के लिए बगदाद गए थे।
भारत लौटने के बाद, अन्य जायरीन ने पुलिस को बताया कि मजीद, फहद, टंडेल और टंकी फालुजा गए थे।
टंकी ने 26 अगस्त 2014 को मजीद के परिवार को फोन किया और उन्हें बताया कि उनका बेटा सीरिया में आईएसआईएस के लिए लड़ते हुए ‘शहीद’ हो गया है।
मजीद के परिजनों ने कल्याण में ‘जनाजा-ए-गायबाना’ (शव की गैरमौजूदगी में दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना) भी अदा की थी।
हालांकि, मजीद को 28 नवंबर 2014 को तुर्कीये से मुंबई पहुंचने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं।
इस बीच, विशेष अदालत ने पिछले महीने फहद शेख, साहीम टंकी और अमन टंडेल के खिलाफ एक घोषणा जारी की। यह घोषणा उनके कथित तौर पर भारत छोड़कर आईएसआईएस में शामिल होने का फैसला करने के लगभग 12 साल बाद जारी की गयी है।
तीनों को एक महीने के भीतर अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है, अन्यथा उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया जाएगा।
एक बार जब किसी आरोपी को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया जाता है, तो एजेंसी देश में मौजूद उसकी संपत्ति को जब्त करने में सक्षम होगी।
भाषा प्रशांत खारी
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