Breaking News

दोहा में लगातार तीन धमाकों से मचा हड़कंप     |   शिमला: कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन किया     |   ईरान ने श्रीलंका से युद्धपोत हमले में मारे गए नागरिकों के शवों को वापस लाने में मदद मांगी     |   भारत ने खामेनेई की मौत पर जताया शोक, विदेश सचिव ने कंडोलेंस रजिस्टर पर किए हस्ताक्षर     |   जेलेंस्की ने अरब देशों को दिया मदद का आश्वासन, कहा- ड्रोन रोकने में करेंगे मदद     |  

मंदसौर में गणतंत्र दिवस पर जन्मे व्यक्ति का नाम है 'छब्बीस जनवरी', देशभक्ति की अनोखी मिसाल

Madhya Pradesh: नाम में क्या रखा है? कभी-कभी, बहुत कुछ। खासकर जब नाम हो 'छब्बीस जनवरी'। मध्य प्रदेश में मंदसौर के जिला शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्र में कार्यरत 60 साल के एक कर्मचारी के लिए गणतंत्र दिवस सिर्फ एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी के पलों का जश्न भी है।

कहानी उनके जन्म के दिन से शुरू होती है। पेशे से शिक्षक उनके पिता 26 जनवरी 1966 को अपने स्कूल के ध्वजारोहण समारोह में थे, तभी उन्हें खुशखबरी मिली कि वे पिता बन गए हैं। पिता बनने का प्यार और देशभक्ति का भाव जब आपस में मिला और तो तय कर लिया कि बच्चे का नाम 'छब्बीस जनवरी' रखेंगे।

अब इतने अनोखे नाम के साथ अपनी चुनौतियां भी जुड़ी हैं, जैसे बैंकों और दूसरी सरकारी कामकाजों में देरी हो जाती है। आखिर छब्बीस के परिवार को अक्सर ये साबित करना पड़ता था कि हां, वास्तव में यही उनका नाम है।

वक्त के साथ छब्बीस बेहद मशहूर होते गए और जो भी उनका ये अनोखा नाम सुनता है, उनसे मिलने की इच्छा जाहिर करता है। इस नाम से जुड़ी खास बात ये है कि 26 नंबर उनके लिए भाग्यशाली भी रहा। पहली नौकरी उन्हें अपने 26वें जन्मदिन पर मिली।

दूसरे लोगों की तरह ही छब्बीस जनवरी के जीवन में भी कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन ऐसे में उन्हें उनके नाम ने आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यही वजह है कि हालात कैसे भी हों वो अपने मित्रों और परिचितों के लिए बेहद खास हैं।