Breaking News

एकता-विविधता भारत के डीएनए में है, मैडिसन स्क्वायर में बोले मोहन भागवत     |   किश्तवाड़ में छात्रा से दुष्कर्म मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई     |   CM मोहन यादव ने सतना-रीवा में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया     |   ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी मददगार अफगान के रिश्तेदार को सेंट्रल अफ्रीकी गणराज्य भेजा     |   नेपाल के कई जिलों में भोटे कोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी     |  

नशे के खिलाफ देहरादून की महिलाओं ने संभाली कमान, हाथों में लाठी लेकर दिन-रात कर रहीं गश्त

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के थानी गांव में इन दिनों महिलाओं का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। हाथों में लाठियां लेकर महिलाएं दिन-रात गांव की सड़कों पर गश्त कर रही हैं। उनका मकसद इलाके में बढ़ते ड्रग्स और शराब के कारोबार पर लगाम लगाना और अपने समुदाय को नशे के खतरे से बचाना है। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि इलाके में ड्रग्स बेचने और खरीदने वालों का आतंक बढ़ गया था। नशे के बढ़ते कारोबार की वजह से लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही थी।

हालात बिगड़ने के बाद महिलाओं ने करीब दो महीने पहले खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया। इसके बाद से वे समूह बनाकर गांव और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। दिन हो या रात, महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर सड़कों पर गश्त करती नजर आती हैं। महिलाओं का कहना है कि उनकी लगातार निगरानी और एकजुटता का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। उनके मुताबिक, इलाके के हालात में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है और नशे से जुड़े मामलों पर भी रोक लगाने में मदद मिली है।

हालांकि, महिलाओं ने साफ कर दिया है कि वे अपनी इस मुहिम को यहीं खत्म नहीं करेंगी। उनका कहना है कि अगर स्थिति को संभालने में उन्हें किसी तरह की परेशानी आती है, तो वे स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मदद लेंगी। फिलहाल थानी गांव की महिलाएं अपनी निगरानी का सिलसिला लगातार जारी रखे हुए हैं। उनका कहना है कि वे अपने समुदाय को सुरक्षित रखने और ड्रग्स व शराब के बढ़ते प्रभाव को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।