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कांवड़ यात्रा मार्ग पर भोजनालयों को दिखाना होगा खाद्य लाइसेंस, धामी सरकार के सख्त निर्देश

Uttarakhand: उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर मौजूद भोजनालयों के लिए अपने खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाण पत्र को प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य सचिव और आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन आर राजेश कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रा मार्ग पर मौजूद होटल, ढाबा, खाने-पीने के ठेले और स्टॉल के मालिकों को अपने लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाण पत्र की साफ-सुथरी प्रति प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी, ताकि उपभोक्ता इसे आसानी से देख सकें।

छोटे व्यापारियों और खाद्य ठेला मालिकों को भी अपने पंजीकरण प्रमाण पत्र अपने पास रखने और प्रदर्शित करने होंगे। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी आस्था और भक्ति की यात्रा है, जिसमें हर साल अलग-अलग क्षेत्रों से चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार और ऋषिकेश आते हैं। उन्होंने कहा, "कांवड़ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाली दुकानें शुद्ध होनी चाहिए और खाने में किसी भी तरह की मिलावट नहीं होनी चाहिए। यही वजह है कि हमने ये फैसला लिया है। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।"

होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट में भी 'फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड' साफ तौर से दिखने वाली जगहों पर लगाया जाना चाहिए, ताकि ग्राहक को पता चल सके कि खाने की गुणवत्ता के लिए कौन जिम्मेदार है। इन निर्देशों का पालन न करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत आदेश का उल्लंघन करने वालों पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी ये पक्का करें कि इन आदेशों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने कहा कि पंडालों और सामुदायिक रसोई में श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "मिलावट करने वालों और मानकों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो नियमित रूप से पंडालों से दूध, मिठाई, तेल, मसाले और पेय पदार्थ आदि के नमूने एकत्र कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजेंगी। अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि अगर कोई नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित जगह को तत्काल बंद कर दिया जाएगा।