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उत्तराखंड में यमुना का प्रवाह रोकने से आई बाढ़, आस-पास के होटल और घर कराए गए खाली

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली कस्बे में शनिवार रात हुई भारी बारिश की वजह से भीषण बाढ़ आ गई। इसके साथ बहकर आया मलबा घरों और बाजारों में घुस गया। इलाके में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से आमतौर पर सूखी रहने वाली नहर उफान पर दिखी। इसके किनारों को तोड़ते हुए बाढ़ का पानी और मलबा रिहायशी इलाकों में भर गया। इसके बाद ये नहर पिंडर नदी में मिल गई।

वहीं उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में गुरुवार को बरसाती नाले कुपडागाड़ से आए मलबे से यमुना नदी का प्रवाह रूक गया जिससे वहां अस्थायी झील बन गयी। सड़क के नीचे की ओर केे सभी होटलों और मकानों के साथ-साथ पुल के ऊपर तक पानी भर गया। इसने इलाके में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को थाम दिया। एहतियात के तौर पर आस-पास के मकान और होटल खाली करवा लिए गए हैं।

पानी की रफ्तार और प्रवाह इतना तेज था कि इलाके के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लोगों ने बताया कि वे अपनी जान बचाने के लिए बस भाग खड़े हुए। उनके मुताबिक इस अफरा-तफरी में वे अपनी दुकानें और जरूरी सामान भी सुरक्षित नहीं रख पाए। अधिकारियों ने बताया कि बनी अस्थायी झील से पानी छोड़े जाने की कोशिश के बाद उसका जल स्तर कम हो गया है।

सड़क संपर्क बहाल होने के बावजूद, आसपास के गांवों पर इसका असर चिंता का सबब बना हुआ है। लोगों के मुताबिक कई इलाकों से संपर्क अब भी टूटा हुआ है। अब तक 40 से ज्यादा होटलों और घरों से 300 से ज्यादा लोगों को निकाला जा चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन को अस्थायी झील से पानी की निकासी के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए खाना, एलपीजी, दवाइयां, ईंधन और दूसरे जरूरी सामानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।