योगी सरकार उत्तर प्रदेश की धार्मिक और पौराणिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए बलिया स्थित महर्षि भृगु आश्रम का विकास कर रही है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत आश्रम को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए 8.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना और बलिया को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मान्यता है कि सप्तऋषियों में प्रमुख महर्षि भृगु ने इसी तपोभूमि पर तपस्या की थी और यहीं भृगु संहिता की रचना की थी। अब इस प्राचीन स्थल को नया स्वरूप देकर इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में भृगु आश्रम
महर्षि भृगु आश्रम का विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री बलिया में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर महर्षि भृगु कॉरिडोर विकसित करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में आश्रम के पर्यटन विकास के लिए शुरू हुआ कार्य इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार की योजना धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की है, ताकि श्रद्धालुओं के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी यहां की पौराणिक विरासत को करीब से जान सकें।
आश्रम में बनेंगे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं वाले परिसर
महर्षि भृगु आश्रम के विकास के तहत परिसर में कई नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें भव्य स्वागत द्वार, दो मंजिला मल्टीपर्पज हॉल और श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड शामिल हैं। इसके अलावा आकर्षक वॉल आर्ट, म्यूरल आर्ट और आधुनिक साइनेज भी लगाए जाएंगे।
महर्षि भृगु की पौराणिक विरासत और इतिहास से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था भी की जाएगी। इन सुविधाओं से आश्रम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।
2025 में बलिया पहुंचे 10.31 लाख से अधिक पर्यटक
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाला बलिया जिला पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। बिहार सीमा से सटे इस जिले का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रहा है। वाराणसी से करीब 130 किलोमीटर दूर स्थित बलिया को लेकर मान्यता है कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने भी यहां प्रवास किया था। स्वतंत्रता संग्राम में भी बलिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सरकारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में बलिया में 10.31 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। आश्रम के विकास से जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महर्षि भृगु आश्रम हजारों वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इसका विकास प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व वाले स्थलों को विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 12 पर्यटन सर्किट के अंतर्गत महर्षि भृगु आश्रम का विकास होने से इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने तथा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।