उत्तर प्रदेश ने डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड (ई-केसीसी) के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में अब तक एक लाख से ज्यादा किसान ई-केसीसी पोर्टल या ऐप के जरिए आवेदन कर चुके हैं। महज आठ महीने में एक लाख आवेदन का आंकड़ा पार करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी 2026 में नाबार्ड की ओर से संचालित डिजिटल KCC सुविधा की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रदेश में किसानों के बीच इस सुविधा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
कर्नाटक और हरियाणा से आगे निकला यूपी
डिजिटल KCC के आवेदन के मामले में उत्तर प्रदेश देश के दूसरे राज्यों से काफी आगे निकल गया है। करीब 95 हजार आवेदन के साथ कर्नाटक दूसरे और लगभग 42 हजार आवेदन के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर है। प्रदेश सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ज्यादा से ज्यादा किसानों को डिजिटल KCC सुविधा से जोड़ा जा रहा है।
अब बैंक के चक्कर लगाने की जरूरत कम
पहले कृषि ऋण लेने के लिए किसानों को बैंक शाखाओं में जाकर आवेदन करने और दस्तावेज जमा करने समेत कई प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती थीं। डिजिटल KCC ने इस प्रक्रिया को आसान बनाया है।
अब किसान घर बैठे डिजिटल माध्यम से KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे खासतौर पर लघु और सीमांत किसानों का समय और मेहनत बच रही है। साथ ही किसानों की औपचारिक कृषि ऋण व्यवस्था तक पहुंच भी आसान हो रही है।
डिजिटल कृषि सेवाओं को मिल रही रफ्तार
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी में डिजिटल KCC की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य किसानों को तकनीक के जरिए कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ना और ऋण लेने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आठ महीने में एक लाख से ज्यादा किसानों का आवेदन करना प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवाओं की बढ़ती पहुंच का बड़ा उदाहरण है।
किसानों के लिए डिजिटल सुविधा पर जोर
डिजिटल KCC को किसानों की सुविधा बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने वाली पहल माना जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान केंद्रित योजनाओं के बीच डिजिटल माध्यम से कृषि ऋण की सुविधा का विस्तार किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है। एक लाख से ज्यादा किसानों का ई-केसीसी के लिए आवेदन करना उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।