भारतीय सेना में युवाओं को करियर बनाने के अवसरों से परिचित कराने के लिए पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, एएमसी लखनऊ में सोमवार को आउटरीच और इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। इसमें करीब 500 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। सेना के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भर्ती प्रक्रिया, पात्रता और चयन के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। साथ ही उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) के एडीजी मेजर जनरल मनीष कुमार, वाईएसएम, एसएम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन भर्ती कार्यालय (मुख्यालय), लखनऊ के निदेशक कर्नल कपिल सारस्वत ने किया। मेजर जनरल मनीष कुमार भी इसी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।
कार्यक्रम में भर्ती कार्यालय की टीम से मेजर मोहम्मद फसीथ, सूबेदार मेजर जगवीर सिंह और हवलदार क्लर्क अजीत कुमार शामिल हुए। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुबोध अग्निहोत्री और 15 शिक्षक-कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अग्निपथ योजना और अधिकारी भर्ती की दी जानकारी

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय सेना में भर्ती के अलग-अलग रास्तों के बारे में बताया गया। इसमें विशेष रूप से अधिकारी भर्ती और अग्निपथ योजना पर जोर दिया गया। छात्रों को एनडीए, आईएमए, ओटीए और एएमसी के माध्यम से अधिकारी बनने के अवसरों, पात्रता मानदंड, ऑनलाइन परीक्षा और एसएसबी चयन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अलावा अग्निवीर चयन प्रक्रिया और भर्ती वर्ष 2026-27 के लिए भर्ती रैली की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
छात्राओं को भी सेना में शामिल होने के लिए किया प्रेरित

अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों में करियर बनाने और गर्व व समर्पण के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्राओं को विशेष रूप से एनडीए के माध्यम से सेना में शामिल होने के अवसरों के बारे में बताया गया।
व्याख्यान में सैन्य जीवन के अनुशासन, समर्पण, शारीरिक फिटनेस, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। छात्रों से अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की गई। उन्हें 'विकसित भारत-2047' के निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए भी प्रेरित किया गया।
छात्रों को बांटी गई प्रचार सामग्री

सेना में भर्ती से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों और विद्यालय के स्टाफ सदस्यों को हैंडआउट, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम को छात्रों और शिक्षकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को भारतीय सेना में करियर के अवसरों को समझने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिली।