उत्तर प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने परीक्षा केंद्र निर्धारित करने के मानकों में बदलाव करते हुए अब बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और कोषागार से 30 किलोमीटर की परिधि में परीक्षा केंद्र बनाए जाने की अनुमति दे दी है। इससे पहले परीक्षा केंद्रों के लिए 10 किलोमीटर की सीमा तय थी।
इस संबंध में प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने शासनादेश जारी कर सभी आयोगों और भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को आवश्यक निर्देश भेज दिए हैं। सरकार के इस फैसले को भर्ती परीक्षाओं के बेहतर संचालन और अधिक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद परीक्षा आयोजकों को केंद्र चयन में अधिक विकल्प मिल सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करना आसान होगा और परीक्षा आयोजन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतें कम होंगी।
कई जिलों में 10 किलोमीटर की सीमा के भीतर पर्याप्त और मानकों के अनुरूप परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में परीक्षाओं के संचालन में समस्याएं सामने आ रही थीं। नई गाइडलाइन लागू होने से इन चुनौतियों से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। साथ ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंच को ध्यान में रखते हुए परिवहन सुविधाओं से जुड़े स्थानों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।