Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग के एक दिन बाद पीड़ितों के परिवार वाले अपने अपनों को खोने के गम से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें से ज्यादातर छात्र और युवा प्रोफेशनल थे जो दूसरी मंजिल पर बने एक एनिमेशन इंस्टीट्यूट में क्लास ले रहे थे।
इनमें सुखमनी सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने आग और धुएं से घिरी बिल्डिंग से ही अपने पिता को घबराहट में फोन किया था। यह आखिरी बार था जब प्रभजोत सिंह ने अपने बेटे की आवाज सुनी थी। 27 साल के नीलेश कुमार के लिए जिंदगी उम्मीदों से भरी थी।
उनकी सगाई तो हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने अपने माता-पिता से शादी टालने के लिए कहा।उनका कहना था कि वे शादीशुदा जिंदगी शुरू करने से पहले पूरी तरह आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। एक तरफ अपनों को खोने से परिवारों में मातम पसरा है तो वहीं उस इमारत की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे जिसमें इंस्टीट्यूट चल रहा था।
इस तीन मंजिला इमारत को 2016 में अवैध निर्माण के कारण गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन दो महीने से भी कम समय में उसे रद्द कर दिया गया। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, वे इसका जवाब चाहते हैं और हादसे की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
भीषण अग्निकांड में बचे दो लोगों का लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज चल रहा है। हादसे का शिकार हुए ज्यादातर लोग उत्तरी लखनऊ के अलीगंज में उषा मेहता मार्ग पर स्थित इमारत की दूसरी मंजिल पर फंसे हुए थे।
चश्मदीदों ने बताया कि कई लोग जान बचाने के लिए इमारत से कूद गए। आग में यह इमारत पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस इमारत में पालतू जानवरों की एक क्लिनिक भी थी। आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है।