उत्तर भारत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी पड़ रही है। कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई कस्बे और शहर सबसे ज्यादा प्रभावित जगहों में शुमार हैं। गोरखपुर में लोग बाहर निकलते समय सिर ढकने जैसी खास सावधानियां बरत रहे हैं और ठंडे पेय का सहारा ले रहे हैं। गर्मी का असर लोगों की आजीविका पर भी पड़ रहा है।
घर से बाहर कम लोग निकल रहे हैं। इससे सड़क किनारे विक्रेताओं की बिक्री में भारी गिरावट आई है। लोगों ने अधिकारियों से कहा है कि बच्चों के लिए खास उपाय किए जाएं। मसलन स्कूल के घंटे कम करना या ऑनलाइन क्लास शुरू करना। प्रयागराज में, नगर निगम ने पूरे शहर में वाटर कूलर लगाने और वाहन चालकों के लिए छाया का बंदोबस्त किया है। इसके अलावा यात्रियों, दिहाड़ी मजदूरों और बेघरों को राहत देने के लिए अलग-अलग जगहों पर शेड लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए स्कूलों ने समय में बदलाव किया है। लू पीड़ितों को तत्काल राहत देने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है। इसी तरह, वाराणसी में, अधिकारियों ने दिन में यात्रा करने वालों की सुविधा के लिए खास उपाय किए हैं। लू का असर शहर की सड़कों पर साफ दिख रहा है। सड़कों पर वीरानी छाई रहती है। फिलहाल गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। बल्कि तापमान और बढ़ सकता है। लिहाजा लोगों को भरपूर पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भीषण गर्मी से उत्तर भारत बेहाल, जनजीवन प्रभावित; राहत के आसार कम
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