Meerut News: मेरठ पुलिस ने ऑपरेशन सत्यापन चला रखा है। जिसके तहत 12 अवैध और मलिन बस्तियों से 6500 प्रवासियों की पहचान की है, जिनमें से ज्यादातर आसाम, बंगाल और बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस ने वेरिफिकेशन के लिए संबंधित जनपदों में कागजात भेजे हैं, लेकिन अभी तक कोई खामी नहीं मिली है। पुलिस का लक्ष्य आपराधिक और सामाजिक वारदातें रोकना है।
दरअसल, मेरठ पुलिस ऑपरेशन 'सत्यापन' के तहत मलिन बस्तियों की वेरिफिकेशन कर रही है। जहां कुछ लोग वेरिफिकेशन से बचते नजर आ रहे हैं। लेकिन ज्यादातर लोग अपने कागजात पुलिस को दिखा रहे हैं। इन लोगों के पास अपने पहचान पत्र और आधार कार्ड है।
वहीं इस पूरे मामले में मेरठ के एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस अवैध बस्तियों के लिए जमीन देने और किराया वसूलने वालों पर भी नजर रख रही है। मेरठ पुलिस का ऑपरेशन सत्यापन जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखी जा सके। इस अभियान के तहत, पुलिस ने झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले लोगों की पहचान, सुरक्षा और सतर्कता सुनिश्चित करने के लिए भौतिक सत्यापन अभियान भी चलाया है। पुलिस टीमों ने घर-घर जाकर निवासियों के दस्तावेजों की जांच की और उनकी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की। मेरठ के लालकुर्ती, नौचंदी, रेलवे रोड,परतापुर, समेत करीब आधा दर्जन थाना क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाया गया।