मेरठ में सोमवार रात तेंदुए ने सोते हुए बच्चे पर हमला कर दिया। हालांकि मां के जागने पर तेंदुआ भाग निकला। ग्रामीण लाठी-डंडे और हथियार लेकर उसे खोज रहे हैं। वहीं गांव में दहशत फैली है।
आपको बता दे मेरठ से सटे हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव लतीफपुर में रविवार देर रात करीब 11 बजे ग्रामीणों ने दावा किया कि उनके गांव में तेंदुआ पहुंच गया है। ग्रामीणों ने बताया कि घर के आंगन में सो रहे दस साल के बच्चे गुरचरण को तेंदुए ने खींचने की कोशिश की। बच्चे की मां के जागने पर तेंदुआ भाग गया। हालांकि वन विभाग की टीम ने जांच के बाद कहा कि मौके से तेंदुए के पंजे के निशान नहीं मिले हैं।
हालांकि वन विभाग की टीम को अब तक गांव में तेंदुआ होने के कोई निशान नहीं मिले हैं। रातभर वनविभाग की टीम इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाती रही लेकिन तेंदुए के संकेत नहीं मिले हैं। बता दें कि किठौर क्षेत्र के छुछाई में रविवार से तेंदुआ होने की आशंका जताई जा रही है।
जहां लतीफपुर के कंकरखेड़ा मोहल्ले में रहने वाली सोनी कौर ने बताया कि सोमवार रात वह चारपाई पर लेटीं थीं। उनके पास ही दूसरी चारपाई पर उनका बेटा गुरचरण(10) सो रहा था। तभी एक तेंदुआ उनके घर में पहुंच गया। तेंदुए ने पैर पकड़कर गुरचरण को खींचने की कोशिश की। गुरचरण रोने लगा तो सोनी कौर ने शोर मचा दिया। तभी तेंदुआ भाग गया और आवाज सुनकर ग्रामीण वहां पहुंच गए। कुछ ही देर में पूरे गांव में तेंदुआ आने की जानकारी हो गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए।
इससे गांव में डर व्याप्त हो गया, वहीं आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीण भी सतर्क हो गए। ग्राम प्रधान दिलदार सिंह और ग्रामीण तेंदुए को खोजने के लिए लाठी-डंडे लेकर निकल गए। देर रात तक ग्रामीण गांव में लाठी-डंडे लेकर घूमते रहे लेकिन तेंदुए का कोई अता-पता नहीं चला। कुछ लोगों ने भेड़िया होने की भी आशंका जताई।
वही रविवार को किठौर के गांव छुछाई-ललियाना मार्ग पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने तेंदुए जैसा वन्य जीव और उसके शावक दिखने व एक राहगीर पर झपट्टा मारने का दावा किया था। वन विभाग की टीम ने रविवार रात को क्षेत्र में पहुंचकर तेंदुए की तलाश की। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को सर्च अभियान के दौरान ट्रैप कैमरों की भी मदद ली गई।
इसके बाद रविवार देर शाम किठौर में तेंदुए ने बाइक सवार राहगीर पर हमला कर दिया। वीडियो बनाकर इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक देवेंद्र गंगवार, क्षेत्रीय वन अधिकारी हर ज्ञान सिंह और ललियाना चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गांव वालों ने बताया कि तेंदुआ देख कर वे ट्यूबवेल की छत पर चढ़ गए। पुलिस और वन विभाग ने गांव वालों से बात की और तेंदुए के पदचिह्न तलाशे, लेकिन रात हो जाने और खेत में पानी भरे होने से तेंदुए के पैरों के निशान नहीं पहचाने जा सके।
इस पूरे मामले में डीएफओ राजेश कुमार का कहना है कि सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आसपास के गांव वालों से भी अलर्ट रहने की अपील की गई है।