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मेरठ में तीर्थस्थल की जमीन पर कब्जे के विवाद ने पकड़ा तूल, 17 जनवरी को महापंचायत की चेतावनी

मेरठ के परतापुर में विश्वामित्र तीर्थस्थल की करोड़ों रुपए की 300 बीघा जमीन पर कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से भगवा वस्त्र धारण कर कुछ स्थानीय लोगों की मदद से तीर्थस्थल की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है।

जहां गगोल और आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि शिवदास नाम का यह व्यक्ति न तो कोई महंत है और न ही पुजारी। कुछ समय पहले वह अचानक तीर्थस्थल पर आया और भगवा वस्त्र धारण कर स्वयं को साधु बताने लगा। आरोप है कि वह तीर्थस्थल पर अनैतिक गतिविधियां भी चला रहा है और वहां चार-पांच महिलाओं को भी रख छोड़ा है।

जिला पंचायत सदस्य नितिन भड़ाना और मोहिद्दीनपुर गन्ना समिति के अध्यक्ष दीपक राणा ने बताया कि यह स्थल 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है, जहां कई देशभक्त शहीद हुए थे। सोमवार को महंत शिवदास ने भाजपा के ऊर्जा मंत्री पर भी अपने लोगों से कब्जा कराने का आरोप लगाते हुए एसएसपी को शिकायती पत्र दिया था।

घटना के समय मौजूद पुलिस
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से नोकझोंक की स्थिति भी बनी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 17 जनवरी तक कार्रवाई नहीं हुई तो वे तीर्थस्थल पर महापंचायत करेंगे और मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे। अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।