उत्तर प्रदेश में मरीजों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने ब्लड सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के विशेष जांच अभियान में प्रदेश के 10 जिलों में 40 चैरिटेबल ब्लड सेंटरों का औचक निरीक्षण किया गया। इसमें गंभीर अनियमितताएं मिलने पर सात ब्लड सेंटरों में रक्त और रक्त घटकों से जुड़ी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
कार्रवाई की जद में लखनऊ के तीन, आगरा, अलीगढ़, गोरखपुर और लखीमपुर खीरी के एक-एक ब्लड सेंटर आए हैं। जांच में अनिवार्य संक्रमण परीक्षण नहीं करने, तापमान नियंत्रण में लापरवाही, रिकॉर्ड अधूरे रखने और प्रशिक्षित कर्मचारियों की अनुपस्थिति जैसी कमियां सामने आईं। अन्य केंद्रों में मिली खामियों को लेकर भी कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
10 जिलों में 40 ब्लड सेंटरों का निरीक्षण

FSDA आयुक्त के निर्देश पर औषधि निरीक्षकों की अंतरजनपदीय टीम ने यह अभियान चलाया। लखनऊ में 13, आगरा में पांच, मुजफ्फरनगर में चार, बिजनौर में चार, कानपुर में पांच, अलीगढ़ में तीन, गाजियाबाद और वाराणसी में दो-दो तथा गोरखपुर और प्रयागराज में एक-एक ब्लड सेंटर की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान रक्त की गुणवत्ता, संक्रमण संबंधी अनिवार्य जांच, तापमान नियंत्रण, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस की वैधता और चिकित्सा एवं तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता की पड़ताल की गई।
बिना ELISA जांच रक्त जारी करने समेत कई खामियां

जांच में कुछ ब्लड सेंटरों पर ELISA और अन्य अनिवार्य संक्रमण परीक्षणों में लापरवाही मिली। कहीं रक्त प्राप्तकर्ताओं का पूरा विवरण दर्ज नहीं था, तो कहीं तापमान रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर का उचित रखरखाव नहीं किया जा रहा था। कुछ केंद्रों पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले।
रक्त की सुरक्षा के लिए HIV, HBsAg, HCV, VDRL और मलेरिया जैसे संक्रमणों की निर्धारित जांच जरूरी है। इसके साथ रक्त और उसके घटकों का उचित भंडारण तथा निर्धारित तापमान बनाए रखना भी अनिवार्य है। इन मानकों का पालन नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
इन सात ब्लड सेंटरों पर हुई कार्रवाई

1. श्री बालाजी चैरिटेबल ब्लड सेंटर, आगरा: अनिवार्य ELISA और स्टरलिटी परीक्षण नहीं किए जाने की बात सामने आई। रक्त प्राप्तकर्ताओं का पूरा विवरण, तापमान लॉग और स्टॉक रिकॉर्ड भी उचित तरीके से दर्ज नहीं थे।
2. न्यू बापू रक्त सेंटर, अलीगढ़: अनिवार्य TTI जांच और CPDA सॉल्यूशन से जुड़ी प्रक्रियाओं में कमियां मिलीं। ELISA परीक्षण, तापमान रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता में भी खामियां पाई गईं।
3. मानया चैरिटेबल ब्लड सेंटर, गोरखपुर: प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी अनुपस्थित मिले। तापमान रिकॉर्डिंग में अनियमितता और अधूरे अभिलेख भी सामने आए।
4. अनुभव चैरिटेबल ब्लड सेंटर, लखीमपुर खीरी: बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण का जरूरी अनुबंध उपलब्ध नहीं था। तापमान निगरानी, अलार्म सिस्टम और स्टॉक रजिस्टर में भी कमियां मिलीं।
5. लिटल स्टार ब्लड सेंटर, लखनऊ: प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आई। ELISA मशीन खराब होने के बावजूद बिना जांच रक्त और रक्त घटक जारी किए जाने की बात सामने आई। FFP में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के अंश भी पाए गए।
6. रामा चैरिटेबल ब्लड सेंटर, लखनऊ: ELISA जांच पूरी किए बिना रक्त जारी करने, FFP को निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत प्लेटलेट एजिटेटर में रखने और तय मूल्य से अधिक शुल्क वसूलने जैसी अनियमितताएं मिलीं। कर्मचारियों की अनुपस्थिति भी सामने आई।
7. KHS चैरिटेबल ब्लड सेंटर, लखनऊ: प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मास्टर रजिस्टर और ELISA/TTI परीक्षण रजिस्टर समय पर अपडेट नहीं किए गए थे। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी।
जब्त रक्त और रक्त घटकों के सुरक्षित निस्तारण के निर्देश

यूपीएफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के अनुसार, सात ब्लड सेंटरों में रक्त और रक्त घटकों से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ अन्य केंद्रों में मिली कमियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संबंधित केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
संचालन पर रोक लगाए गए केंद्रों में उपलब्ध रक्त और रक्त घटकों के सुरक्षित निस्तारण के संबंध में सभी जिलाधिकारियों को अलग से एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग का कहना है कि रक्त केंद्रों में नियमित निरीक्षण, अनिवार्य संक्रमण जांच, उचित भंडारण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।