प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी बढ़ने के कारण संगम का क्षेत्र किनारे के और करीब आ गया है। वहीं, नागवासुकी मंदिर के आसपास के कुछ निचले इलाकों में भी पानी पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ने से संगम के आसपास की दुकानों और छोटे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। नदी का पानी धीरे-धीरे आसपास के इलाकों और ढांचों के करीब पहुंच रहा है।
स्थानीय निवासी राजेश पांडे ने बताया कि बारिश के मौसम में हर साल गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पानी बढ़ने के साथ संगम का क्षेत्र हनुमान मंदिर के पास पहुंच जाता है। राजेश पांडे ने बताया, “गंगा और यमुना दोनों का पानी बढ़ रहा है। ऐसा हर साल होता है। पानी हनुमान मंदिर के पास तक आ जाता है। पहले संगम का क्षेत्र काफी दूर था, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ यह हनुमान मंदिर के करीब आ जाता है।” उन्होंने बताया कि पानी बढ़ने से आसपास की दुकानों और कारोबारियों को भी परेशानी होती है।
प्रयागराज का संगम गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का मिलन स्थल है। यह देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों में से एक है। यहां पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र का स्वरूप भी बदल जाता है। पानी निचले इलाकों और नदी किनारे बने ढांचों की ओर बढ़ने लगता है। ऐसे में स्थानीय लोग और दुकानदार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उत्तर भारत के कई अन्य इलाकों में भी मानसून की बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ा है। ऐसे में प्रशासन नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते सुरक्षा के कदम उठाए जा सकें।