बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज सामने आ जाएंगे। इसमें बिहार की बांकीपुर सीट पर भाजपा, राजद और जनसुराज के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है, जबकि मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर सीट पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बांकीपुर सीट नितिन नवीन के इस्तीफे, दतिया सीट कांग्रेस विधायक की सदस्यता रद्द होने और मांजलपुर सीट भाजपा विधायक निधन के कारण खाली हुईं थीं।
बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में सबसे कम मतदान बिहार की बांकीपुर सीट पर देखने के लिए मिला है। यहां कुल 34.16% मतदान हुआ है। वहीं गुजरात के मांजलपुर में भी उपचुनाव में लोगों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई और यहां भी महज 37.50% मतदान हुआ है। वहीं, सबसे ज्यादा मतदान 71.42 प्रतिशत दतिया में हुआ है।
बिहार की बांकीपुर सीट पर कुल 34.16% मतदान हुआ है। इस सीट से भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन विधायक रहे हैं। इसे भाजपा का गढ़ कहा जा सकता है। जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने के बावजूद यहां वोटिंग प्रतिशत में कोई खास उछाल देखने को नहीं मिला। वहीं, गुजरात के मांजलपुर में भी उपचुनाव में लोगों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई और यहां भी महज 37.50% मतदान हुआ है। मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर सबसे ज्यादा 71.42 प्रतिशत मतदान हुआ। दतिया से राज्य के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी टिकट के दावेदार थे। हालांकि, भाजपा ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया था।
गुजरात की मांजलपुर सीट पर उपचुनाव भाजपा के आठ बार के विधायक और पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण हुआ। लंबी बीमारी के बाद 2 जून को उनका निधन हो गया था। वहीं मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर उपचुनाव इसलिए जरूरी हो गया था, क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दिल्ली की एक अदालत ने तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अप्रैल में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।
बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर विधानसभा सीटों पर हो रही उपचुनाव की मतगणना में सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू हो गई थी। पिछले चार विधानसभा चुनावों के नतीजों पर नजर डालें तो 2008 से 2018 तक भाजपा ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की। हालांकि, हर चुनाव के साथ कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ता गया। 2018 में मुकाबला बेहद कांटे का रहा और 2023 में कांग्रेस ने भाजपा का 15 साल पुराना विजय अभियान रोक दिया। 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने बाजी मारी थी। कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से हराया था। भाजपा के आशुतोष तिवारी, कांग्रेस के घनश्याम सिंह और सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आईं किन्नर संजना समेत कुल 21 प्रत्याशी मैदान में हैं।