ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण का शुभारंभ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस मौके पर अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए योगी सरकार की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कभी निवेशकों के लिए चुनौती माने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश के विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
अमित शाह ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में निवेश का कार्यक्रम प्रदेश से बाहर करना पड़ा था, क्योंकि कानून-व्यवस्था को लेकर निवेशक यहां आने से हिचकते थे। 2017 में भाजपा की सरकार बनने और योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद कानून-व्यवस्था में बदलाव आया और माफिया के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसका असर निवेश के माहौल पर भी पड़ा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास पहले भी जमीन, 24 करोड़ से अधिक की आबादी और मेहनती कारीगर थे, लेकिन उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल की कमी थी। अब प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ है और उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।
कट्टा-बम की जगह बन रहे रक्षा उत्पाद
अमित शाह ने पूर्ववर्ती सपा-बसपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में अपराध से जुड़ी गतिविधियां बढ़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज उसी उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादों का निर्माण हो रहा है, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी औद्योगिक गतिविधियां विकसित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बदलाव की यात्रा चार चरणों से गुजरी है—पहले दुनिया ने प्रदेश में बदलाव देखा, फिर लोगों ने यहां आने की इच्छा जताई, इसके बाद निवेशक आए और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
डिफेंस कॉरिडोर में बढ़ रहा निवेश
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में छह नोड विकसित किए जा रहे हैं, जहां रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर काम किया है।
शाह ने देश के बढ़ते रक्षा उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। उन्होंने अमेठी में एके-203 असॉल्ट राइफल के निर्माण और प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़े उत्पादन का भी उल्लेख किया।
एक्सप्रेसवे और ओडीओपी से बढ़ी विकास की रफ्तार
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क और बुनियादी ढांचे के विकास से कारोबार को गति मिली है। इसके साथ ही राज्य के पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पाद अब देशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों में आसानी से उपलब्ध होंगे।
UPITS के चौथे संस्करण से कारोबार बढ़ने की उम्मीद
अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के लिए बड़ा कारोबारी मंच बताया। उन्होंने कहा कि ट्रेड शो में देश-दुनिया से व्यापारी और खरीदार शामिल हो रहे हैं तथा कई व्यापारिक समझौते होने हैं। इससे निवेश, उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 2025 के संस्करण में पांच लाख से अधिक लोग पहुंचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। इस बार की भागीदारी को देखते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण पिछले सभी रिकॉर्ड से आगे जाएगा।
मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे रहा यूपीआईटीएस
अमित शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया मिशन की घोषणा की थी। इसके बाद केंद्र और राज्यों ने मिलकर भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने की दिशा में काम किया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो भी इसी दिशा में आगे बढ़ने वाला आयोजन है।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा रखी थी। शाह के मुताबिक, आगे चलकर अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसी सोच को देश के विकास से जोड़ा गया। अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जमीन, बड़ी आबादी और मेहनती कारीगरों के साथ अब उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण भी है। ट्रेड शो में होने वाले कारोबारी समझौते प्रदेश में निवेश, उत्पादन और व्यापार को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे।