उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के योगी सरकार के प्रयासों का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। एक मई से अब तक 135 दिनों में 74 दिन उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे ज्यादा विद्युत मांग की आपूर्ति की। वहीं 37 दिन प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। इस तरह कुल 135 दिनों में 111 दिन यूपी देश के शीर्ष दो राज्यों में रहा। सरकार के मुताबिक, 24 मई से अब तक 22 दिनों में सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कटौती मुक्त बिजली उपलब्ध कराई गई। वहीं जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव के कारण कोयला खदानों में उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों के तापीय बिजली संयंत्रों पर पड़ा है। उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं रहा। यूपीपीसीएल के अनुसार, कोयले की कमी और गीले कोयले की वजह से प्रदेश में तापीय बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा कुछ विद्युत इकाइयों में तकनीकी और अन्य कारणों से ट्रिपिंग होने के कारण बिजली की उपलब्धता में कमी आई है।
हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद योगी सरकार बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है। सरकार की ओर से कोयले और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रदेश में दिन के समय बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। हालांकि पीक आवर में बिजली की उपलब्धता कम होने और पावर एक्सचेंज में महज 2-3 प्रतिशत तक सीमित क्लीयरेंस मिलने के कारण कुछ क्षेत्रों में रात के समय सीमित रोस्टरिंग की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों, बुंदेलखंड, तहसील और नगर पंचायत क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार रात्रिकालीन सीमित रोस्टरिंग की जा रही है। वहीं जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) समेत संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय कर रही है। सरकार का प्रयास है कि कोयले और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अधिकतम राहत दी जा सके। योगी सरकार का फोकस उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के साथ बिजली आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखने और उपभोक्ताओं को अनावश्यक कटौती से बचाने पर है।