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श्रीनगर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल शुरू, 24 देशों की 28 फिल्में दिखाई जाएंगी

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित टैगोर हॉल में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल शुरू हो गया है। फेस्टिवल में अलग-अलग देशों की करीब 28 फिल्में दिखाई जा रही हैं, जिनमें कई कश्मीरी फिल्में भी शामिल हैं। फिल्मों में विभिन्न सामाजिक और मानवीय मुद्दों को दिखाया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को सिनेमा की ओर आकर्षित करने के साथ-साथ घाटी में एक मजबूत फिल्म संस्कृति को बढ़ावा देना है।

फिल्म फेस्टिवल में कई डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जा रही हैं, जिनमें आम लोगों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों को उजागर किया गया है। फिल्मों की स्क्रीनिंग देखने के लिए बड़ी संख्या में सिनेमा प्रेमी टैगोर हॉल पहुंचे। दर्शकों ने फेस्टिवल में दिखाई जा रही अलग-अलग तरह की फिल्मों और उनकी कहानियों को लेकर उत्साह जताया।

फिल्म फेस्टिवल के आयोजन को लेकर फिल्ममेकर अली इमरान ने कहा कि कश्मीर में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन होना उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिनेमा को लेकर बेहतर समझ और रुचि विकसित करना जरूरी है। फिल्म फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य दर्शकों के सामने सार्थक, विविध और विचार करने पर मजबूर करने वाली फिल्में लाना है।

उन्होंने बताया कि यह फिल्म फेस्टिवल पिछले 20 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है और इस साल इसका छठा संस्करण है। इस बार 24 देशों की 28 फिल्मों को शामिल किया गया है। इससे दर्शकों को अलग-अलग संस्कृतियों, विचारों और कहानियों को सिनेमा के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। थिएटर कलाकार ताहिर नाजर ने कहा कि कश्मीर में इस तरह के और भी फिल्म फेस्टिवल आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर की फिल्म संस्कृति को आगे बढ़ाना है तो ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे नए फिल्म निर्माताओं को मंच मिलता है, नए और रचनात्मक विचारों को बढ़ावा मिलता है और लोगों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं।

प्रसिद्ध कश्मीरी अभिनेता हसन जावेद भी फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म फेस्टिवल को सफल बनाने और उसे बड़े स्तर तक ले जाने के लिए फंडिंग बेहद जरूरी है। हसन जावेद ने कहा कि यह फेस्टिवल कश्मीर में मजबूत फिल्म संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोगों को एक साथ लाना, फिल्मों की स्क्रीनिंग करना और दर्शकों को सिनेमा से जुड़ने का माहौल देना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सरकार से स्थानीय फिल्म निर्माताओं को आर्थिक सहायता और फंडिंग देने की अपील की, ताकि कश्मीर में फिल्म उद्योग के विकास के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सके।