केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के तहत 15वें वित्त आयोग की “अनटाइड” ग्रांट को मंजूरी देते हुए धनराशि जारी कर दी है। सीएमओ की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस अनुदान से पंचायत व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
अनटाइड ग्रांट की दूसरी किस्त के तहत केंद्र ने उत्तराखंड को 91.31 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इससे राज्य की सभी 13 जिला पंचायतों, 95 विकासखंडों और 7,784 पात्र ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, पहली किस्त की रोकी गई राशि में से 216 पात्र ग्राम पंचायतों के लिए 1.84 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।
भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) की सिफारिशों के आधार पर यह अनुदान जारी करती है, जिसके बाद वित्त मंत्रालय फंड जारी करता है। इससे पहले, उत्तराखंड के मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में बताया था कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में राज्यभर में 819 पंचायत भवनों का निर्माण या पुनर्निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंचायती राज विभाग ने जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया था और बाकी भवनों पर अभी भी काम जारी है।